दिखावे के आदेश, बाहर से आने वालों की नहीं हो जांच, खाली पड़े प्रवेश द्वार
दिखावे के आदेश, बाहर से आने वालों की नहीं हो जांच, खाली पड़े प्रवेश द्वारRaj Express

दिखावे के आदेश, बाहर से आने वालों की नहीं हो जांच, खाली पड़े प्रवेश द्वार

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : शहर में किसी भी प्रवेश द्वार पर जांच की व्यवस्था नहीं की गई हैं। कलेक्टर के आदेश दिखावा बनकर रह गए हैं।

हाइलाइट्स :

  • कलेक्टर द्वारा दो दिन से लगातार जारी किए जा रहे हैं आदेश

  • महाराष्ट्र, भोपाल एवं इंदौर से आने वाले लोगों की प्रवेश द्वार पर होना थी जांच

  • लगातार शहर में प्रवेश कर रहे हैं बाहर से आने वाले लोग

  • वाहनों की चैकिंग करने मौजूद नहीं है स्टॉफ

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। शहर में लगातार कोरोना पॉजीटिव मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसे देखते हुए कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह द्वारा आदेश जारी करते हुए महाराष्ट्र, भोपाल एवं इंदौर से शहर में प्रवेश करने वाले लोगों के शरीर का तापमान जांचने के आदेश दिए गए थे। तापमान अगर सामान्य से ज्यादा पाया गया तो संबंधित व्यक्ति की कोरोना जांच कराई जाएगी, लेकिन किसी भी प्रवेश द्वार पर जांच की व्यवस्था नहीं की गई। कलेक्टर के आदेश दिखावा बनकर रह गए हैं।

आम जनता को कोरोना के प्रति जागरूक करने एवं एहतियात बरतने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार आदेश जारी किए जा रहे हैं। महाराष्ट्र, भोपाल एवं इंदौर में कोरोना पॉजीटिव मरीजों की संख्या हद से ज्यादा हो गई है। इंदौर एवं भोपाल में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज कोरोना पॉजीटिव आ रहे हैं। यही वजह है कि शनिवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक भोपाल एवं इंदौर में टोटल लोक डाउन घोषित किया गया है। इसी तर्ज पर ग्वालियर में भी शनिवार से सोमवार सुबह तक लॉक डाउन घोषित किया गया था, लेकिन शनिवार को आयोजित की गई क्रायसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में सदस्यों ने होली के त्यौहार पर टॉटल लॉक डाउन का विरोध किया। इसे देखते हुए आवश्यक वस्तुओं से संबंधित दुकानें को तीन बजे तक खोलने का निर्णय लिया गया। यही वजह रही है कि तीन बजे के बाद बाजार पूरी तरह बंद हो गए। लेकिन शहर के प्रवेश द्वारों पर यात्रियों की जांच के जो आदेश दिए गए थे, उसका पालन कहीं होता नहीं दिखा। विक्की फैक्ट्री तिराहे पर मात्र दो पुलिस वाले चौकी पर बैठे दिखे। यहां न तो स्वास्थ्य विभाग का स्टॉफ मौजूद था और न ही पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल मौजूद था। इसे देखकर यह समझ आ रहा था कि आदेश दिखावे के लिए जारी किए गए हैं।

शहर में भी नहीं दिख रही सख्ती :

कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए सख्ती आवश्यक है। बिना डंडे के लिए शहरवासी किसी भी नियम का पालन नहीं करते। वर्ष 2020 में कोरोना मरीजों की संख्या बढऩे पर प्रशासन एवं पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से सख्ती अपनाते हुए सड़कों पर चैकिंग कराई थी। इससे लोगों में भय का वातावरण बना था और सभी ने मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने एवं बिना वजह घर से बाहर जाने पर रोक लगा दी थी, लेकिन इस बार कलेक्टर का आदेश सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है।

शहर में भी नहीं दिख रही सख्ती
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चार दिन से 60 का आंकड़ा हो रहा पार :

पिछले 10 दिनों में कोरोना पॉजीटिव मरीजों की संख्या 507 पर पहुंच गए हैं। हर दिन 1200 से अधिक मरीजों की जांच की जा रही है और पिछले चार दिन से लगातार 60 से अधिक मरीज पॉजीटिव आ रहे हैं। ऐसे ही लापरवाही बरती जाती रही तो यह आंकड़ा 100 होते देर नहीं लगेगी।

फोन रिसीव नहीं किया :

इस संबंध में जब कलेक्टर से उनका मत जानना चाहा तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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