कोरोना मरीजों को मौत के मुंह से बाहर निकालने वाले सड़कों पर आने को मजबूर

सीधी, मध्य प्रदेश : कोरोना संक्रमित मरीजों के सीधे संपर्क आकर इलाज कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अब सड़क पर उतर आये हैं।
कोरोना मरीजों को मौत के मुंह से बाहर निकालने वाले सड़कों पर आने को मजबूर
सड़क पर प्रदर्शन करते स्वास्थ्य कर्मचारीShashikant Kushwaha

सीधी, मध्य प्रदेश। कोविड-19 स्वास्थ्य संगठन मध्य प्रदेश के बैनर तले जिले के लगभग दो सैकड़ा से अधिक अस्थाई कोरोना योद्धाओं द्वारा शनिवार की सुबह बीथिका भवन में बैठक कर मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन एसडीएम गोपद बनास नीलांम्बर मिश्रा को सौंपा गया।

ज्ञापन सौपते हुए
ज्ञापन सौपते हुएShashikant Kushwaha

जानें पूरा मामला :

कार्यकारणी अध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी मनोज सिंह चौहान द्वारा ज्ञापन माध्यम से बताया गया कि स्वास्थ्य कर्मचारी कोविड-19 महामारी की रोकथाम नियंत्रण उपचार हेतु पूरे मध्यप्रदेश में विगत 6 महीनों से लगातार अस्थाई पद पर कार्यरत हैं। उक्त अवधि में पूरी इमानदारी एवं कर्तव्य निष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर कोविड-19 के संदिग्ध एवं पॉजिटिव मरीजों के सीधे संपर्क में रहते हुए इलाज करते आ रहे हैं।

स्टाफ की कमी से जूझ रहा विभाग :

जिलाध्यक्ष डॉ. संजीव गौतम ने बताया कि जिला सहित पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य कर्मीयों की भारी किल्लत है जिसके चलते आमजन शासकीय अस्पताल की जगह निजी चिकित्सालय की ओर उपचार हेतु जाते हैं और वर्षो की खून पसीने की जमा पूँजी एक झटके में ही खत्म हो जाती है। जबकि शासकीय अस्पतालों में नि:शुल्क सेवा उपलब्ध कराई जाती है। वहीं मध्य प्रदेश शासन द्वारा अस्थाई कर्मचारियों को बाहर निकालने की पूरी तैयारी की जा रही है। मिले पत्र के आधार पर पूरे मध्य प्रदेश में ऐसे कोरोना योद्धा जिन्होने संकट की घड़ी में कोविड-19 पीड़ितों की प्राण रक्षा हेतु खुद के प्राणो की परवाह किये बगैर दिन-रात मेहनत करते हुए पूरे भारत वर्ष में एक माडल के रूप में प्रस्तुत हुए हैं। वहीं कूट रचना के तहत कोविड-19 से संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी के रूप में कार्य कर रहे सभी कर्मचारियों का नियमितीकरण वा संविदा करने की जगह बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। जो कि पूरी तरह से नियम विरूद्ध प्रतीत हो रहा है।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपी मांग पत्र की मुख्य मांगे :

कोविड-19 महामारी के कारण परिस्थितियों एवं कार्य सुविधा की दृष्टि से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारियों का अनुबंध खत्म कर सदैव के लिए अस्थाई से स्थाई वा संविदा कर दिया जाए। समस्त प्रदेश में 1 माह का एक्सटेंशन किया गया है जिसे बढ़ाकर स्थाई व संविदा पद पर नियुक्त किया जाए। शासन द्वारा जो कर्मवीर कल्याण योजना के तहत कार्यरत स्वास्थ्य कर्मीयों का 50 लाख का बीमा लागू किया जाए। स्वास्थ्य कर्मीयों को 10 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि आज तक नहीं मिली, त्वरित रूप से दिलाया जाये। अस्थाई स्वास्थ्य कर्मीयों द्वारा प्रशासन एवं सरकार को चेताते हुए कहा गया कि यदि विषयांतर्गत मांगे 10 अक्टूबर तक नहीं मानी गई तो कोविड-19 के समस्त कार्यरत कर्मचारी कठोर निर्णय लेने के लिए मजबूर हो जाएंगे। उक्त कार्यक्रम के दौरान जिला एवं ब्लाक के समस्त अस्थाई कोरोना योद्धा मौजूद रहें।

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