जिला अस्पताल की बड़ी चूक, मरीज को चढ़ाया गलत रक्त
जिला अस्पताल की बड़ी चूक, मरीज को चढ़ाया गलत रक्त|Shashikant Kushwaha
मध्य प्रदेश

जिला अस्पताल की बड़ी चूक, मरीज को चढ़ाया गलत रक्त

मध्यप्रदेश में सिंगरौली जिले के अस्पताल में बीती रात नाबालिग बच्ची रक्त की कमी का हुई शिकार, अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही आई सामने।

Shashikant Kushwaha

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में जिला अस्पताल में बीती रात नाबालिग बच्ची रक्त की कमी का शिकार हुई थी जिसे अस्पताल में डॉक्टर की सलाह पर भर्ती कराया गया । रक्त चढ़ाने के दौरान बच्ची की हालत बिगड़ने लगी, जिससे कि जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। संबंधित मामले में परिजनों ने बताया कि हॉस्पिटल स्टाफ नर्स के द्वारा अभद्रता की गई।

खून- जीवन का दूसरा नाम है

किसी भी इंसान को किसी न किसी वजह से शरीर में खून की कमी हो ही जाती है या फिर जब कोई बीमार पड़ जाता है तो उसे पर्याप्त खून की जरूरत तो पड़ ही जाती है। जब भी कभी ऐसी स्थिति आती है, तो डॉक्टर हमें हमारे ही ब्लड ग्रुप का खून चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं जिससे हमें सही खून की मात्रा मिल सके। खून के साथ खेलना कोई आम बात नहीं होती , ये आपकी जिंदगी और मौत का सवाल बन सकता है। इंसानों के लिए तो खून, जीवन का दूसरा नाम है। ये है तो हम हैं और इसके होने से ही हमारे शरीर के सभी अंगों को जरूरी पदार्थ मिल पाते हैं और शरीर सही तरह से काम कर पाता है।

पैथोलॉजी में हुई गड़बड़ी

जानकारी के मुताबिक, मरीज रिया रावत 15 वर्ष के शरीर में रक्त की कमी हो गई जिस पर चिकित्सक की सलाह पर जिले के सरकारी अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती कराया गया था । मरीज का ब्लड सैंपल अस्पताल पैथलॉजी के कर्मचारी ने परीक्षण हेतु लिया गया था बावजूद इसके ब्लड बैंक से लाया गया ब्लड मरीज को चढ़ा दिया गया। रक्त की कुछ ही मात्रा शरीर मे जाने के उपरांत मरीज ही हालात बिगड़ने लगी ।

चिकित्सक ने माना पैथलॉजिस्ट से हुई गड़बड़ी

गलत रक्त चढ़ाने के मामले में डॉक्टर ने भी माना कि पैथलॉजिस्ट से गड़बड़ी हुई । मामले में जब डॉक्टर से बात की गई तो उक्त मामले में सीधे तौर पर कहा कि यह एक बड़ी भूल हुई है इस गलती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है ।

परिणाम हो सकते थे भयावह

गलत प्रकार का खून चढ़ा दिया जाता है तो यह बहुत खतरनाक हो सकता है। हालाँकि, इस बात की संभावना न के बराबर है क्योंकि खून चढ़ाने से पहले अच्छे से जाँच की जाती है। ब्लड ट्रांसफ्यूजन को हिंदी में रक्ताधान कहा जाता है। आम बोलचाल की भाषा में इसे खून चढ़ाना कहा जाता है। रक्त दान से प्राप्त लाल रक्त कोशिकाओं, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा को किसी व्यक्ति के शरीर में चढ़ाने की प्रक्रिया को ही ब्लड ट्रांसफ्यूजन या रक्ताधान कहा जाता है।

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