सांची को प्रथम सोलर सिटी बनाने के लिए कार्यों की गति बढ़ाएं : शिवराज सिंह

भोपाल, मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि ओंकारेश्वर में स्थापित किए जा रहे फ्लोटिंग सोलर प्लांट के कार्यों को आगामी डेढ़ वर्ष में पूर्ण किया जाए।
सांची को प्रथम सोलर सिटी बनाने के लिए कार्यों की गति बढ़ाएं : शिवराज सिंह
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक हुईSocial Media

भोपाल, मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने कहा है कि विश्व धरोहर स्थल रायसेन जिले के नगर सांची को प्रथम सोलर सिटी (Solar City) के रूप में पहचान दिलवाने के लिए कार्यों की गति बढ़ाई जाए। यह प्रदेश की अद्भुत उपलब्धि होगी।

श्री चौहान आज यहां मंत्रालय में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग (Hardeep Singh Dang), मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओंकारेश्वर (Omkareshwar) में स्थापित किए जा रहे फ्लोटिंग सोलर प्लांट (Floating Solar Plant) के कार्यों को आगामी डेढ़ वर्ष में पूर्ण किया जाए। प्रदेश में ऊर्जा साक्षरता बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार आधारित ठोस रणनीति पर अमल किया जाए। लोगों को बिजली की बचत का संदेश पहुंचाने के लिए रेडियो, टी.वी., सोशल मीडिया आदि का उपयोग किया जाए। बिजली बचाना, बिजली बनाने के बराबर है। राज्य हित में इस भाव को जन-जन तक पहुंचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांची सोलर सिटी योजना के तहत इस प्रमुख पर्यटन केन्द्र में 12 तकनीकी संस्थानों को ऑफ-ग्रिड सोलर प्लांट से संचालित किया जाएगा। आंगनवाड़ी भवनों को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किया जाएगा। सांची ग्रिड सिस्टम में 6 हजार किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया जाना है। परियोजना में सांची के प्रत्येक घर, कृषि और उद्योग को सोलर सिस्टम से जोड़ा जायेगा। इससे बिजली का बिल, प्रदूषण, सरकारी सब्सिडी की आवश्यकता में कमी आने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और सांची के पर्यटन महत्व में भी वृद्धि होगी। सांची को ग्राउंड माउंटेड सोलर सिस्टम बनाने के लिए नजदीकी गांव नागोरी में 20 एकड़ जमीन चिन्हित की गयी है।

श्री चौहान ने कहा कि सूरज से बिजली प्राप्त करने की परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेज किया जाए। जहां सोलर पार्क और परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं, वहीं घर-घर में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। सौर ऊर्जा का घरेलू उपभोक्ता भी प्रयोग करें। श्री चौहान ने कहा कि सोलर रूफ-टॉप संयंत्र के उपयोग लिए लोगों को प्रोत्साहित करें। सोलर रूफ-टॉप के अधिकाधिक उपयोग लिए प्रचार अभियान संचालित किया जाए।

उन्होंने आगर, नीमच और शाजापुर सौर परियोजनाओं के कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। छतरपुर सौर परियोजना के लिए भी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ट्रांसेक्शन सलाहकार का चयन कर लिया गया है। मुरैना सौर परियोजना के लिए बेसलाइन सर्वे का कार्य चल रहा है। भूमि आवंटन की कार्यवाही को भी शीघ्र पूरा किया जा रहा है। कृषि उपयोग के लिए कुसुम योजना में विभिन्न कार्य निरंतर किए जा रहे हैं।

आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग ने संबंधित विभागों से अभिमत प्राप्त कर कार्यों को पूर्ण करने के प्रयास किए हैं। ऊर्जा साक्षरता अभियान में जलवायु परिवर्तन के दृष्टिगत ऊर्जा संरक्षण से संबंधित आवश्यक जानकारियाँ नागरिकों तक पहुँचाने की योजना है। विभिन्न पाठ्यक्रम मॉड्यूल में भी इसका समावेश किया जाएगा। विशेष टूल किट प्रदान कर जागरूकता प्रसार किया जाएगा।

श्री चौहान ने निर्देश दिए कि कुसुम योजना की बाधाओं के लिये बैंकर्स के साथ समन्वय करें। आमजन में सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाएं। कार्य में लापरवाही करने वालों पर दण्डात्मक कार्रवाई करें। ऊर्जा बचाने के लिए नागरिकों को संकल्प दिलवाने की रूपरेखा बनाएं। कन्या-पूजन की तरह हर कार्यक्रम में लोगों को ऊर्जा बचाने का संकल्प दिलवाने का कार्य वे स्वयं करेंगे। सिंचाई योजनाओं के सोलर एनर्जी से संचालन की रणनीति और योजना तैयार की जाए।

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