कांग्रेस में फूट : उपाध्यक्ष सहित दर्जनों अध्यक्ष के खिलाफ
कांग्रेस में फूट : उपाध्यक्ष सहित दर्जनों अध्यक्ष के खिलाफRaj Express

कांग्रेस में फूट : उपाध्यक्ष सहित दर्जनों अध्यक्ष के खिलाफ

शहडोल, मध्य प्रदेश : डेढ़ दशक से सत्ता से बाहर रहने के बाद भी कांग्रेसी न तो गलतियों से सबक सीख रहे हैं और न ही भविष्य में एक जुट होने की संभावना ही नजर आ रही है।

शहडोल, मध्य प्रदेश। डेढ़ दशक से सत्ता से बाहर रहने के बाद भी कांग्रेसी न तो गलतियों से सबक सीख रहे हैं और न ही भविष्य में एक जुट होने की संभावना ही नजर आ रही है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के आगमन पर, पार्टी के ही जिलाध्यक्ष के खिलाफ सैकड़ों कांग्रेसियों ने मोर्चा खोल दिया। नारे लगाये और हटाने के लिए ज्ञापन तक सौंप दिया, यही नही कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष की रिश्तेदारी जोड़कर उन्हें अवैध उत्खनन से भी जोड़ दिया गया।

शनिवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव संजय कपूर का शहडोल आगमन हुआ, इस दौरान पार्टी की बैठक से पहले और बाद में दर्जनों कांग्रेसियों ने वर्तमान जिलाध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, सडक पर उतर कर वर्तमान जिलाध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के साथ ही अवैध उत्खनन के मामले में भाजपा के जिलाध्यक्ष कमल प्रताप सिंह से रिश्तेदारी निभाने और प्रश्रय देने के भी आरोप लगाये गये है। इस दौरान कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह के साथ दर्जनों की संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर कर के पत्र सौंपे और सड़क पर उतर कर अपने ही पार्टी के जिलाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस में स्पष्ट रूप से फूट सबकों नजर आई।

यह है आरोप :

दर्जनों वरिष्ठ कांग्रेसियों ने अध्यक्ष हटाओ नारे के साथ जिलाध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह और भाजपा के जिलाध्यक्ष और चचेरे भाई कमल प्रताप सिंह के बीच आपसी समन्वय का भी उल्लेख किया। कांग्रेसियों ने दिये गये पत्र में आरोप लगाये कि जब से कमल प्रताप भाजपा के अध्यक्ष बने हैं तब से आजाद बहादुर न तो खुद भाजपा और उनकी नीतियों का खुलकर विरोध कर रहे हैं, बल्कि यदि पार्टी का कोई कायकर्ता भाजपाईयों की खिलाफत करता है तो जिलाध्यक्ष उससे नाराज हो जाते हैं।

अवैध उत्खनन को संरक्षण :

पत्र में इस बात के आरोप लगाये गये कि जिले में रेत के कारोबार में बडे पैमाने पर अवैध उत्खनन हो रहा है, भाजपा के नेताओं और जिलाध्यक्ष के चचेरे भाई ने ऑफ रिकार्ड ठेके लेकर रखे हैं। जिस पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विरोध करने की जगह भाईचारा निभा रहे है। दोनो ही पार्टियों के जिलाध्यक्ष एक साथ खड़े नजर आ रहे हैं। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि जब कांग्रेसी अवैध कार्यो और भाजपा का विरोध खुल कर नही करेंगें तो पार्टी का जनाधार नीचे होता जायेगा।

कांग्रेस के कोष का भी उल्लेख :

पार्टी के राष्ट्रीय सचिव को दिये गये पत्र में आजाद बहादुर पर यह भी आरोप लगाये गये कि जिला कांग्रेस कमेटी के कैश बुक का ऑडिट नही करवाया जा रहा है। पार्टी के कोष में किराये व अन्य मदों से प्राप्त होने वाली मासिक आय में गफलत हो रही है। राष्ट्रीय सचिव से यह मांग भी की गई कि कैशबुक का नियमत: ऑडिट और उसे सार्वजनिक करने के भी आदेश जारी करें।

मनमौजी बैठकें और नियुक्ति :

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पर पार्टी के प्रदीप सिंह, अजय अवस्थी, रतन सोनी, शैलेन्द्र सिंह, अनुज मिश्रा, राजीव शर्मा, मो. साबिर, अभिषेक द्विवेदी, मो. इकराम, पियुष शुक्ला, विक्रम सिंह, प्रभात पांडेय, अजय जायसवाल, रितेश द्विवेदी, साकिर फारूकी, पुष्पराजगढ़ सिंह, नीरज शर्मा, संजय प्रताप सिंह, शोभाराम पटेल, विद्याभूषण द्विवेदी, प्रमोद जैन पम्मू सहित दर्जनों ने यह भी आरोप लगाये कि जिलाध्यक्ष बिना किसी को सूचना दिये न सिर्फ मनमौजी बैठके कर रहे हैं, बल्कि कमेटियों को भंग करना और नई नियुक्ति बिना वरिष्ठ कार्यालय व जिला कार्यकारिणी के सहमति के ही लगातार कर रहे हैं।

इनका कहना है :

कांग्रेस में कोई फूट नहीं है, आज एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव आये थे, उन्हें मेरे विरूद्ध किसी ने कोई ज्ञापन नहीं सौंपा है, मुझे हटाने के लिये ऐसा कुछ किया जा रहा है, इस संबंध में मुझे नहीं मालूम।

आजाद बहादुर सिंह, अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी, शहडोल

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