मध्य प्रदेश : गुरूनानक देवजी प्रांतीय ओलम्पिक खेल का हुआ शुभारंभ
मध्य प्रदेश : गुरूनानक देवजी प्रांतीय ओलम्पिक खेल का हुआ शुभारंभ|Social Media
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मध्य प्रदेश : गुरूनानक देवजी प्रांतीय ओलम्पिक खेल का हुआ शुभारंभ

मध्य प्रदेश के राजधानी भोपाल में राज्य स्तरीय गुरूनानक देवजी प्रांतीय ओलम्पिक खेल का हुआ शुभारंभ।

Rishabh Jat

राज एक्सप्रेस। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के टी.टी. नगर स्टेडियम में 7 दिवसीय राज्य स्तरीय गुरूनानक देवजी प्रांतीय ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। जनसम्‍पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरूण यादव तथा पद्मश्री ओलम्पियन तीरंदाज दीपिका कुमारी ने इस मौके पर रंगीन गुब्बारे छोड़े। मल्लखम्ब खिलाड़ियों की शानदार प्रस्तुति के साथ ही प्रदेश के दस संभागों से आये खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्च पास्ट किया।

समारोह में 'खेलो इंडिया' यूथ गेम्स के पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। खेल और युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं को खेलों में पर्याप्त अवसर दिलाने के लिए मुख्यमंत्री कमल नाथ की पहल पर प्रदेश में गुरूनानक देवजी प्रांतीय ओलम्पिक खेल की शुरूआत हुई है। राज्य सरकार ने वचन-पत्र में किए वायदे को पूरा किया है। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्रवार प्रत्येक विधायक को लोकप्रिय खेलों के विकास के लिए 5 लाख रूपये तक अनुदान की स्वीकृति के अधिकार दिये जाएंगे।

मंत्री पटवारी ने खेल विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और उपलब्धियाँ गिनाते हुए कहा कि, अकादमी के 822 खिलाड़ियों का बीमा कराने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि में कई गुना वृद्धि की गई है। खिलाड़ियों को शासकीय नौकरी में 5 फीसदी आरक्षण दिये जाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 'खेलो इंडिया' यूथ गेम्स के पदक विजेता खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि दोगुनी कर उन्हें सौगात दी है।

इस मौके पर पद्मश्री ओलम्पियन तीरंदाज दीपिका कुमारी ने प्रदेश में खिलाड़ियों को मिल रही खेल सुविधाओं के लिए राज्य सरकार की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने खिलाड़ियों को खेलों में कैरियर बनाने के संबंध में टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि मैंने जब वर्ष 2007 में तीरंदाजी खेल की शुरूआत की थी, तब इतनी खेल सुविधाएँ और उपकरण नहीं थे लेकिन मैने हार नहीं मानी। आज मैं इस मुकाम पर हूँ। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अवसर का लाभ अवश्य उठाना चाहिए। खिलाड़ी के भीतर कान्फीडेंस जरूरी है। कोच के अलावा साथी खिलाड़ियों से भी अनुभव शेयर कर सीखना चाहिए, इससे खेल में निखार आयेगा।

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