ग्वालियर : प्रदेश की बिजली कंपनियों का जल्द होगा निजीकरण
ग्वालियर, मध्य प्रदेश : प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों का निजीकरण जल्द होगा। इसके लिए केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार को हरी झंडी दे दी है।
ग्वालियर : प्रदेश की बिजली कंपनियों का जल्द होगा निजीकरण
प्रदेश की बिजली कंपनियों का जल्द होगा निजीकरणSocial Media

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों का निजीकरण जल्द होगा। इसके लिए केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार को हरी झंडी दे दी है। केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार को स्टेण्डर्ड बिलिंग डॉक्यूमेंट भी जारी कर दिया है। केन्द्र सरकार की इस अनुमति से पहले से इंतजार कर रही राज्य सरकार ने निजीकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी बताई जाती है।

विद्युत वितरण कंपनियों के निजीकरण की यह पहल कोई नई नहीं है। इससे पहले भी ग्वालियर, उज्जैन व सागर की विद्युत व्यवस्था निजी हाथों में सौंपी गई थी, जिसमें ग्वालियर की व्यवस्था निजी हाथों में जाती उससे पहले ही फ्रेन्चाईजी कंपनी ऐस्सेल यूटिलिटीज कंपनी ने अपने हाथ पीछे खींच लिए और ग्वालियर निजी हाथों में जाते-जाते बच गया था। लेकिन अब फिर से ग्वालियर सहित अन्य शहरों की विद्युत व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर ली गई है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि आने वाले वर्ष में निजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

बिजली कर्मचारियों में भय :

केन्द्र व राज्य सरकार के इस निर्णय से बिजली कंपनी अधिकारियों व कर्मचारियों में भय व्याप्त हो गया है। इनको इस बात का भय है कि उन्हें अब निजी कंपनी के अधीन रहकर काम करना होगा। निजी कंपनी के अधीन होने पर उनके शासकीय वेतन व भत्तों पर भी असर पड़ सकता है। सबसे अहम बात यह कि उनके अधिकारी बिल्कुल खत्म हो जाएंगे तथा सारे अधिकारी संबंधित फ्रेन्चाईजी कंपनी को हाथों में होंगे।

नेताओं की शरण में कंपनी अधिकारी :

प्रदेश की वितरण कंपनियों के निजीकरण की बात सुनकर कंपनी अधिकारी अब नेताओं की शरण में जा रहे हैं। उनकी मांग है कि किसी भी प्रकार से इसको रोका जाए जिससे उनकी जीविका बनी रहे। उनका पूरा प्रयास है कि उपचुनाव से पहले सरकार इस बात की घोषणा कर दें कि निजीकरण नहीं किया जाएगा।

इनका कहना :

यह केवल मप्र की समस्या नहीं है, पूरे देश की है। उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारी पांच अक्टूबर से इसके विरोध में हड़ताल पर जा रहे हैं। उसके बाद हम भी मप्र में इसका विरोध शुरु कर देंगे। हड़ताल की घोषणा पृथक से प्रेसनोट जारी करके दी जाएगी।

व्हीकेएस परिहार, महासचिव, मप्र विद्युत मण्डल अभियंता संघ, जबलपुर, मप्र

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