ग्वालियर : अकेला ही रणभूमि में लड़ता रहा, कोई बात नहीं आगे देखेंगे

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : सुनील शर्मा ने कार्यकर्ताओं से धन्यवाद सभा में कहा कार्यकर्ताओं ने मेरे लिए जी-तोड़ मेहनत की और उसी का परिणाम है कि मुझे 63 हजार से अधिक वोट मिले।
ग्वालियर : अकेला ही रणभूमि में लड़ता रहा, कोई बात नहीं आगे देखेंगे
अकेला ही रणभूमि में लड़ता रहा, कोई बात नहीं आगे देखेंगेRaj Express

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। ग्वालियर विधानसभा में हुए उप चुनाव में किसने क्या किया यह मुझे पता है, लेकिन मैं किसी की कोई शिकायत नहीं करूंगा। कार्यकर्ताओं ने मेरे लिए जी-तोड़ मेहनत की और उसी का परिणाम है कि मुझे 63 हजार से अधिक वोट मिले। यह बात ग्वालियर विधानसभा में उप चुनाव लड़कर हारे सुनील शर्मा ने कार्यकर्ताओं से धन्यवाद सभा में कही। इस दौरान कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष महाराज सिंह पटेल ने कहा कि पहला ऐसा चुनाव था, जिसमें सुनील अकेला ही रणभूमि में लड़ता रहा और जो कांग्रेसी अपने आप को कहते हैं वह दूर बैठकर तमाशा देखते रहे।

ग्वालियर विधानसभा के उप चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा भले ही 33 हजार से अधिक मतों से चुनाव हार गए, लेकिन इसके बाद भी उनको 63 हजार से अधिक मत मिले जो अपने आप में यह बताने के लिए काफी है कि एक तरफ दो दर्जन लोगों की फौज थी तो दूसरे तरफ अकेला सुनील था। कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देने के लिए सुनील ने एक गार्डन में कार्यकर्ताओं को बुलाया था। उन्होंने कहा कि मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन किसने क्या किया है इसका मुझे पता है, लेकिन जो लोग सामने कार्यकर्ता के रूप में बैठे है वहीं मेरी पूंजी है और उन्होंने जो मेहनत की है उसका परिणाम है कि मुझे 63 हजार से अधिक वोट मिले। इस दौरान 90 साल के वैभव पटेल ने कहा कि वह चुनाव भले ही हार गए, लेकिन उन्होंने यह जता दिया कि आगे की तैयारी अभी से शुरू कर रहे हैं।

कमलनाथ की दो, जबकि भाजपा की दर्जनों सभाएं हुईं :

ग्वालियर विधानसभा के उप चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा के सामने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री लड़ाई में थे और उनके साथ भाजपा नेताओं की फौज थी। सुनील शर्मा के लिए जहां कमलनाथ ने सिर्फ 2 सभाएं की वहीं भाजपा प्रत्याशी के लिए सिंधिया ने 11, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 4 सभाएं की इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती सहित करीब 20 मंत्री क्षेत्र मे डेरा डाले रहे थे। इसके बाद भी कांग्रेस प्रत्याशी ने भाजपा के नेताओं को फौज से अकेले ही लड़ाई लडऩे का काम किया। सुनील ने कहा कि अब समय है कि हम सब मिलकर एक बार फिर जनता की सेवा में जुट जाएं और अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दें। इस मौके पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष अमर सिंह माहौर, शील खत्री सहित कई कांग्रेसी मौजूद थे। यहा बता दें कि मंच पर कुछ लोग ऐसे थे जिन्होंने चुनाव के समय क्या किया सभी को पता है और जो अपने आपको कांग्रेस का बड़ा नेता बताते थे उनके वार्ड से भी कांग्रेस नहीं जीत सकी।

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