तानसेन समारोह : आयोजन को लेकर असमंजस

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : कोरोना महामारी से सांस्कृतिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए तानसेन समारोह का आयोजन हो सकता है।
तानसेन समारोह : आयोजन को लेकर असमंजस
तानसेन समारोह : आयोजन को लेकर असमंजसSocial Media

हाइलाइट्स :

  • सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हो सकता है समारोह

  • सभी परिस्थितयों का अवलोकन कर रहा है संस्कृति विभाग

  • बेवसाइट पर अंकित 19 से 24 दिसम्बर तक होगा आयोजन

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। कोरोना महामारी का असर एक ओर जहां व्यापार और रोजगार पर पड़ रहा है, वहीं इसकी वजह से सांस्कृतिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। 19 से 24 दिसम्बर तक इस वर्ष का तानसेन समारोह का आयोजन होना था, लेकिन कोरोना जैसी संक्रामक बीमारी की वजह से संस्कृति विभाग इसे लेकर कोई निर्णय नहीं कर सका है, लेकिन जिस तरह से छोटे-छोटे आयोजनों की शुरूआत हुई है, ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए तानसेन समारोह का आयोजन हो सकता है।

यहां बता दें कि संस्कृति विभाग का कैलेंडर साल के आरंभ में ही तैयार हो जाता है, जिसके मुताबिक संस्कृति विभाग की बैवसाइट पर तानसेन समारोह के आयोजन की तिथि 19 से 24 दिसम्बर तक अंकित है, लेकिन कोरोना के प्रभाव के चलते संस्कृति विभाग अभी किसी निर्णय पर नहीं पहुंचा है। विभाग सभी परिस्थितयों का अवलोकन कर रहा है। खासतौर पर स्थानीय स्तर पर प्रशासन से इस संबध में रिपोर्ट मांगी जा रही है, उसी के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक जल्दी ही समारोह के लिए परमीशन मिल जाएगी, लेकिन इस बार आयोजन का स्वरूप बदला हुआ होगा। हर बार इस बात पर जोर होता था कि पांडाल में श्रोताओं की संख्या अधिक से अधिक हो, लेकिन इस बार यदि आयोजन हुआ तो इस बात पर जोर होगा कि निर्धारित संख्या से अधिक श्रोता पांडाल में नहीं आएं। बैठक व्यवस्था भी इस बार बदली नजर आ सकती है। हर बार भारतीय पद्धति से जमीन पर विछावन डाली जाती थी, लेकिन इसमें सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं होने का खतरा है, जिसके चलते इस बार पांडाल मेें निश्चित संख्या मेें कुर्सी बिछाई जा सकती हैं। प्रवेश के लिए पूर्व से प्रवेश पत्र की व्यवस्था पर भी विचार हो रहा है।

तानसेन सम्मान में मिलते ही 2 लाख की राशि :

गौरतलब है कि यह मध्यप्रदेश शासन का प्रतिष्ठा आयोजन हैं, जिसमें देशभर के ख्यातिनाम शास्त्रीय संगीत के कलाकार सुर सम्राट की समाधि के सानिध्य में बैठकर गायन वादन करते हैं, साथ ही देश के एक प्रतिष्ठत कलाकार को तानसेन सम्मान प्रदान किया जाता है, जिसमें शॉल श्रीफल के साथ 2 लाख रुपए नकद राशि प्रदान की जाती है।

इनका कहना है :

अभी सभी परिस्थितियों का अवलोकन किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन से भी फीडबैक लिया जा रहा है, सभी परिस्थितियों पर विचार कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

राहुल रस्तोगी, निदेशक, उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत अकादमी, भोपाल

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