व्यावहारिक हो योजना का स्वरूप : महेंद्र सिंह सिसोदिया
व्यावहारिक हो योजना का स्वरूप : महेंद्र सिंह सिसोदियाSocial Media

व्यावहारिक हो योजना का स्वरूप : महेंद्र सिंह सिसोदिया

भोपाल, मध्यप्रदेश : पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सिसौदिया ने ली परियोजना संबंधी बैठक। मध्यप्रदेश होगा साथी परियोजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य।

भोपाल, मध्यप्रदेश। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया ने कहा है कि मध्यप्रदेश साथी (सस्टेनेबल एग्रिकल्चर थ्रू होलिस्टिक इन्टीग्रेशन) परियोजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा। यह परियोजना के किसानों की आय को दोगुना करने के सरकार के लक्ष्य की पूर्ति में कारगर सिद्ध होगी साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आत्म-निर्भर भारत एवं आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के स्वप्न को पूरा करने में भी सहायक होगी।

मंत्री श्री सिसोदिया ने निर्देश दिए कि योजना को व्यवहारिक स्वरूप दिया जाए, जिससे इसका अधिक से अधिक लाभ किसानों को मिले। उन्होंने योजना की नोडल एजेंसी नाफेड को निर्देश दिए कि इसकी विस्तृत कार्य-योजना बनाकर केंद्र सरकार को भिजवाई जाए तथा वहां से इसके लिए फंडिंग भी प्राप्त की जाए। योजना प्रारंभ में पाइलेट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के पांच जिलों के 10 विकासखंडों में लागू होगी। मंत्री श्री सिसोदिया सोमवार को मंत्रालय में साथी परियोजना संबंधी बैठक ले रहे थे।

26 जिलों के 100 विकासखंडों के लिए योजना :

योजना संबंधी प्रस्तुतिकरण में नाफेड के मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रथम चरण में यह योजना प्रदेश के 26 जिलों गुना, सतना, अशोकनगर, ग्वालियर, रीवा, मुरैना, अलीराजपुर, बालाघाट, बड़वानी, छतरपुर, धार, पन्ना, राजगढ़, श्योपुर, शहडोल, शिवपुरी, टीकमगढ़, झाबुआ, सीहोर, कटनी, रायसेन, अनूपपुर, सिवनी, देवास, उमरिया सहित दमोह के 100 विकासखंडों के लिए बनाई गई है। योजना के अंतर्गत 100 साथी बाजार, 7319 वेअर हाउस, 2133 कोल्ड स्टोरेज, 405 ग्रेडिंग यूनिट तथा 2126 कृषि उत्पाद प्र-संस्करण इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इन पर लगभग 3,380 करोड़ रुपए का अनुमानित व्यय होगा।

योजना के होंगे पांच घटक :

साथी योजना के पांच घटक साथी कृषक समूह, साथी प्र-संस्करण केंद्र, साथी उद्योग, साथी बाजार तथा कॉमन फेसिलिटी सेंटर होंगे। गांवों में एक समान उत्पादन करने वाले किसानों के समूह बनाए जाएंगे। उत्पादों के भंडारण एवं प्राथमिक मूल्य संवर्धन का कार्य पंचायत स्तर पर साथी प्र-संस्करण केंद्र करेंगे। विकास खंड स्तर पर स्थानीय उत्पादों पर आधारित छोटे उद्योग लगाए जाएंगे। विपणन के लिए विकासखंड स्तर पर साथी बाजार बनाए जाएंगे। उत्पादों के प्र-संस्करण, पैकेजिंग, अनुसंधान, प्रशिक्षण आदि के लिए संभाग स्तर पर कॉमन फेसिलिटी सेंटर बनाए जाएंगे।

आधुनिक रिटेल आउटलैट :

विकासखंड स्तर पर स्थापित किए जाने वाले साथी बाजार आधुनिक रिटेल आउटलैट होंगे, जिन्हें 4,000 वर्ग फीट पर बनाया जाएगा। इनमें वेअर हाउस, कोल्ड स्टोरेज, ट्रेनिंग सेंटर, होस्टल, दुकानें, बैंक, फूड कोर्ट, डेयरी, गेम जोन आदि बनाए जाएंगे। बैठक में अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया, प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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