SBI में कार्यरत सिक्योरिटी एजेंसी सुरक्षाकर्मियों का कर रही शोषण
SBI में कार्यरत सिक्योरिटी एजेंसी सुरक्षाकर्मियों का कर रही शोषण |Socila Media
मध्य प्रदेश

SBI में कार्यरत सिक्योरिटी एजेंसी सुरक्षाकर्मियों का कर रही शोषण

इंदौर : कर्मचारी राज्य बीमा निगम व एसबीआई में कार्यरत सिक्योरिटी एजेंसिया, सुरक्षाकर्मियों का कर रही शोषण। सुरक्षाकर्मियों से वेतन की 40 प्रतिशत राशि वापस ली जाती है।

Aditya Shrivastava

राज एक्सप्रेस। कर्मचारी राज्य बीमा निगम व एसबीआई में कार्यरत अरुणिमा बेलूर सिक्योरिटी एजेंसी एवं अरविंद सिंह बिंद्रा सिक्योरिटी एजेंसी दोनों की मिलीभगत से सुरक्षाकर्मियों को समय पर वेतनमान और पीएफ की उपलब्धता नहीं होती है। कई सुरक्षाकर्मियों ने शिकायत की है कि सिक्योरिटी एजेंसी के संचालक अखिलेश पांडे दो जगह कार्यरत कंपनियों में कार्य करवाते हैं परंतु पीएफ एक ही जगह जमा होता है। जबकि सुरक्षाकर्मी दो जगह अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह सुरक्षा एजेंसियां डीजीआर के नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। कारण यह है कि डीजीआर के जो नियम हैं उसके आधार पर इन सुरक्षा एजेंसियों को 90% एक्स आर्मी मैन वह 10% सिविलियन रखने का प्रावधान है, परंतु अरुणिमा बेलूर सिक्योरिटी एजेंसी व अरविंद सिंह बिंद्रा सिक्योरिटी एजेंसी यह दोनों डीजीआर के नियमों की अनदेखी कर रही हैं। सुरक्षाकर्मियों के गन और लाइसेंस भी अवैध तरीके से बनवा कर गार्डो से अपनी सुरक्षा एजेंसियों का संचालन किया जा रहा है।

वहीं सुरक्षाकर्मियों का डीजीआर अनुसार निर्धारित वेतनमान का पूर्ण भुगतान नहीं करते जिसके कारण सुरक्षाकर्मी अत्यंत तनाव का जीवन जी रहे हैं। सुरक्षाकर्मियों का मानना है कि डीजीआर के आधार पर निर्धारित वेतनमान का पालन इन एजेंसियों द्वारा नहीं किया जाता है। कांट्रेक्टर अखिलेश पांडे वेतन के रूप में 40 प्रतिशत वेतन हमसे ले लेते हैं। जिस वजह से हम लोगों को पूर्ण वेतन समय पर नहीं उपलब्ध हो पाता, वहीं सुरक्षाकर्मियों को वर्दी व अन्य सामग्री अभी एजेंसी द्वारा समय पर उपलब्ध नहीं कराया 8 घंटे की वजह 12 घंटे की ड्यूटी ली जाती है। जिनसे सुरक्षाकर्मी काफी तनाव में जीवन जीने को मजबूर हैं।

गार्डों से मिली जानकारी के अनुसार एसबीआई व कर्मचारी राज्य बीमा निगम में संचालित अरुणिमा बेलूर सिक्योरिटी एजेंसी व अरविंद सिंह बिंद्रा सिक्योरिटी एजेंसी का कार्य उनके स्वयं प्रोपराइटर के द्वारा नही बल्कि कांट्रेक्टर अखिलेश पांडे द्वारा संचालित किया जा रहा है। जबकि डीजीआर के नियम के अनुसार किसी भी सुरक्षा एजेंसी का संचालन आर्मी के रिटायर्ड ऑफीसर के आधार पर किया जाना चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों का संचालन कोई भी सिविलियन नहीं कर सकता है।

सुरक्षाकर्मियों की मानें तो सुरक्षा एजेंसियों द्वारा वेतनमान का भुगतान करने के उपरांत जब सुरक्षाकर्मियों के खातों में उनका वेतन पहुंच जाता है उसके बाद सुरक्षाकर्मी वेतन का आहरण करने जैसे ही जाते हैं उसके बाद ही सुरक्षा एजेंसी का पेटी कांट्रेक्टर व संचालक अखिलेश पांडे द्वारा सुरक्षाकर्मियों से 40 प्रतिशत राशि वापस ले ली जाती है जिसके कारण सुरक्षाकर्मियों को पूरा भुगतान नहीं मिल पाता है इसलिए कई सुरक्षाकर्मियों ने जांच एजेंसियों से शिकायत की है।

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