Bhopal : यूजी के सिलेबस में 40 फीसदी होगा बदलाव
राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर गठित टास्क फोर्स की बैठक को संबोधित करते मंत्री डॉ. यादवSocial Media

Bhopal : यूजी के सिलेबस में 40 फीसदी होगा बदलाव

भोपाल, मध्यप्रदेश : मंत्री डॉ. यादव ने कहा, नीति की भावना के अनुरूप अकादमिक संरचना और पाठ्यक्रम में होंगे बदलाव। परीक्षा सिस्टम में भी होंगे बदलाव।

भोपाल, मध्यप्रदेश। प्रदेश की उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को अपनाने गठित टास्क फोर्स समिति की बैठक उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने ली। बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा कर खास निर्णय लिये गए। जिसके अनुसार शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक बनाने के लिए शिक्षा व्यवस्था में बदलाव किए जाने पर सहमति बनी। इन बदलावों के बाद वर्तमान में चल रहे 79 कोर्सों का करीब 40 फीसदी से ज्यादा सिलेबस परिवर्तित हो जाएगा। यही नहीं परीक्षा सिस्टम में परिवर्तन किया गया है।

मंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप अकादमिक संरचना एवं पाठ्यक्रम परिवर्तित किए जाएं। हम अपने संसाधनों पर विचार करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करें। आवश्यकता होने पर भारत सरकार से भी मदद ली जाएगी। बैठक में डॉ. एडीएन वाजपेयी, डॉ. विश्वास चौहान, डॉ. अशोक ग्वाल, डॉ. हर्षवर्धन, डॉ. गोपाल शर्मा और डॉ. उमाशंकर पचौरी सहित टास्क फोर्स समिति के अन्य सदस्यों ने सुझाव रखे।

अब थ्योरी पेपर के होंगे 75 और 25 अंक इंटरनल :

आगामी सत्र 2021-22 में यूजी सिलेबस में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को इस साल से पैटर्न में बदलाव देखने को मिलेगा। तीन साल की डिग्री में उन्हें अब 75/75 अंक के थ्योरी पेपर देना होंगे। इसमें 25 इंटरनल मार्क होंगे। इसके लिए प्रोफेसर दो माह में एक बार टेस्ट लेंगे। दस माह में पांच टेस्ट लिए जाएंगे। 25 अंक के पांच टेस्ट में प्राप्तांक विद्यार्थियों की अंकसूची में जोड़े जाएंगे।

वैकल्पिक विषय चुनने की आजादी :

नई शिक्षा नीति के अनुसार अब बीच में पढ़ाई छोड़ने पर भी विद्यार्थियों का सााल बर्बाद नहीं होगा। यूजी में प्रवेश लेकर विद्यार्थी एक साल में सर्टिफिकेट, दूसरे साल में डिप्लोमा और तीसरे साल में डिग्री ले पाएगा। यूजी के कोर्स बहुविषयक होंगे। इसमें कला और विज्ञान के बीच कोई अलगाव नहीं होगा। ग्रेडिग प्रणाली अपनाई जायेगी और पाठ्यक्रम च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम पर आधारित होगा। साथ ही विद्यार्थियों को वैकल्पिक विषय चुनने की आजादी रहेगी।

योग पढ़ना होगा अनिवार्य :

यूजी के प्रथम वर्ष में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधार पाठ्यक्रम में योग भी पढ़ना अनिवार्य होगा। तीन विषयों के दो-दो पेपर, फाउंडेशन कोर्स में हिंदी, अंग्रेजी और पर्यावरण के साथ योग का पेपर होगा। हिंदी और अंग्रेजी का एक और पर्यावरण के साथ योग का एक-एक सामूहिक पेपर होगा। इससे दस विषयों के आठ पेपर होंगे। 75/75 अंकों का पेपर हल करने के लिए विद्यार्थियों को तीन नहीं बल्कि दो-दो घंटे का समय दिया जाएगा।

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