यह है ग्वालियर का विकास : सड़क पर गड्ढे खोद छोड़ दिए, दुर्घटना होने की संभावना बनी
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यह है ग्वालियर का विकास : सड़क पर गड्ढे खोद छोड़ दिए, दुर्घटना होने की संभावना बनी

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : शहर की कुछ सड़को पर गड्ढे खोद कर उसी हालात में छोड़ दिए है जिससे दुर्घटना का अंदेशा हमेशा बना रहता है। एक गड्ढा तो पिछले एक साल से खुदता है और बंद होता है।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। स्वच्छता से लेकर अन्य मामलो में ग्वालियर को नंबर वन लाने का वादा तो जोर शोर से किया जाता रहा है, लेकिन हालात इसके ठीक विपरीत है। अब जो सर्वे टीम दिल्ली से आई है उसकी नजर भले ही ऐसे मामलो में न पड़े लेकिन हकीकत यह है कि अगर कोई बाहर का व्यक्ति आकर देखे तो एक बार यह कहने के लिए जरूर सोचेगा कि क्या यही है ग्वालियर का विकास। शहर की कुछ सड़को पर गड्ढे खोद कर उसी हालात में छोड़ दिए है जिससे दुर्घटना का अंदेशा हमेशा बना रहता है। एक गड्ढा तो पिछले एक साल से खुदता है और बंद होता है, लेकिन पिछले 4 दिन से तो वह रास्ता खुदा ही पड़ा हुआ है।

स्मार्ट सिटी बनाने के लिए भले ही करोड़ो की राशि खर्च किया जाना बताया जा रहा है, लेकिन उससे आमजन को कोई फायदा मिलता नहीं दिख रहा है। हॉस्पीटल के लिए जाने वाला रास्ता पिछले एक साल से बिना सड़क के बना हुआ है। अगर इस सड़क से निकल गए तो फिर दूसरी बार उस रास्ते से होकर आने में सोचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अब अस्पताल आने का रास्ता है और इस रास्ते से दिन-रात मरीज लेकर वाहन आते है, लेकिन उस रास्ते में सड़क पर सिर्फ और सिर्फ गड्ढे ही नजर आते है ऐसे में गंभीर रूप से मरीज और बीमार हो जाता है। हालात यह है कि इस रास्ते से अगर दो पहिया वाहन निकलते समय जरा सी असावधानी बरती तो फिर गिरना तय है और अगर गिरे तो हाथ-पैर टूटना भी तय माना जाता है। यही कारण है कि इस रास्ते से अब दो पहिया वाहन चालको ने निकलना छोड़ दिया है और वह चक्कर लगाकर दूसरे रास्ते से जाने के लिए मजबूर है। यह हालात तो तब है जब अधिकारी से लेकर मंत्री तक यहां का निरीक्षण कर चुके है, लेकिन इसके बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्वालियर शहर का विकास किस स्तर पर हो रहा है।

बीच सड़क पर खुदाई की और छोड़ दिया उसी हालत में :

कैंसर पहाड़ी के रास्ते से होकर उतरने के लिए जो सड़क बनी है वह सिंगल रोड है। इस रोड पर पिछले 5 दिन से लाइन डालने के लिए खुदाई की जा रही है। कुछ दूरी तक खुदाई कर उसे मिट्टी से भर भी दिया है, लेकिन अगर दूसरी तरफ से वाहन आता है तो उसे बचाने के लिए दूसरे वाहन को कच्चे में उतरने के लिए मजबूर होना पड़ता है और ऐसे में वाहन कच्ची मिट्टी में फंस रहे है। जिस विभाग ने लाइन डालने के लिए खुदाई करवाई है उसने यह भी नहीं देखा कि लाइन डालने के लिए जो खुदाई की गई है,उसे भरने के लिए पानी डालने के साथ गिट्टी डालकर रोलर चलवाना चाहिए, ऐसा नही किया गया है। कैंसर पहाड़ी से नीचे अस्पताल की तरफ उतर वाले रास्ते पर बीच में सड़क खोद दी है और वह पिछले दो दिन से उसी हालात में पड़ी हुई है। रात के समय तेज गति से वाहन आते है ऐसे में उस गड्डे में वाहन जाने का खतरा बना रहता है, क्योंकि रात में स्ट्रीट लाइट गायब रहती है ऐसे में अंधकार बना रहता है।

कॉलोनी के रास्ते 10 फीट लम्बी खाई खोद छोड़ी :

आयुर्वेदिक अस्पताल गेट से होकर न्यू विजय नगर कॉलोनी के लिए रास्ता जाता है। इस रास्ते से काफी संख्या में वाहन निकलते है, क्योकि कॉलोनीवासियों का दिन रात उससे होकर निकलने का क्रम बना रहता है। मोड़ पर एक पानी की लाइन करीब एक साल से लीक होती रहती है और उस लीक को ठीक करने का काम कई बार किया जा चुका है, लेकिन लीकेज को बंद नहीं किया जा सका है। अब सवाल यह है कि जब एक लीकेज को साल भर में बंद नहीं कर सके तो समझा जा सकता है कि ग्वालियर शहर का विकास किस गति से हो रहा होगा। अब उस लीकेज को बंद करने के लिए करीब 10 फीट लम्बाई में खुदाई कर पाइप लाइन निकाली गई है। उस स्थान पर नई पाइप लाइन डालने का काम हो चुका है, लेकिन जो 10 फीट लंबी और 4 फीट गहरी खुदाई की गई है उसे बंद नहीं किया गया है। मोड़ पर खाई खुदी है और ऐसे में जब वाहन निकलता है तो उसका गड्ढे में जाने का खतरा बना रहता है। इस रास्ते पर भी स्ट्रीट लाइट रात के समय उजाला नहीं कर रही है जिसके कारण दुर्घटना का अंदेशा हमेशा बना रहता है। क्या इसी तरह से विकास कार्य हो रहे है और अगर कहा जा रहा है कि ग्वालियर शहर विकास कर रहा है और स्मार्ट बनता जा रहा है तो जो स्थान बताए गए है उस पर जाकर देख अंदाजा लगा सकते है कि विकास किस स्तर पर चल रहा है। यह तो हालत तब है कि उस रास्ते होकर नगर निगम के अधिकारी प्रतिदिन निकलते है और जिस रास्ते अधिकारी नहीं निकलते होंगे वहां का अंदाजा लगाया जा सकता है कि वहां क्या स्थिति होगी।

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