आज सीएम ने परिवारजनों के साथ निवास पर पूर्ण विधि-विधान से की "गोवर्धन पूजा"
आज सीएम ने निवास पर की "गोवर्धन पूजा" Social Media

आज सीएम ने परिवारजनों के साथ निवास पर पूर्ण विधि-विधान से की "गोवर्धन पूजा"

भोपाल, मध्यप्रदेश : आज मुख्यमंत्री निवास में गोवर्धन पूजा आयोजित है। इस अवसर पर सीएम चौहान ने गौग्रास खिलाया और प्रदेशवासियों की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

भोपाल, मध्यप्रदेश। आज मुख्यमंत्री निवास में गोवर्धन पूजा आयोजित है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने परिवार समेत निवास में गोबर से निर्मित गोवर्धन पर्वत की विधि-विधान से पूजा अर्चना की एवं गिरिवर की परिक्रमा कर प्रदेश की प्रगति एवं प्रदेशवासियों के सुखी व मंगलकारी भविष्य के लिए प्रार्थना की।

सीएम ने ट्वीट कर कहा

एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा- आज मुख्यमंत्री निवास पर गोवर्धन पूजा में शामिल हुआ और गोवर्धन की परिक्रमा, पूजन कर प्रकृति, समस्त जीव जीवों के संरक्षण और प्रदेश वासियों के सुख-समृद्धि, संपन्नता की कामना की। भगवान श्री कृष्ण जी से प्रार्थना है कि हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।

गोवर्धन पूजा का मतलब है प्रकृति की पूजा। पर्यावरण बचाने का प्रयास। भगवान ने यह धरती मनुष्य ही नहीं, बल्कि सभी जीवों जलचर, नभचर, थलचर, पेड़-पौधों के लिए बनाई, लेकिन मनुष्य ने पृथ्वी के अस्तित्व पर ही संकट की स्थिति बना दी है। इसलिए हमें अधिक से अधिक पौधरोपण करना होगा।

सीएम शिवराज सिंह चौहान

इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गाय और बछियों के निश्चल, निष्कपट और निस्पृह: प्रेम से आज अभिभूत हुआ हूं और अपार आनंद की अनुभूति हो रही है।गोवर्धन पूजा वास्तव में प्रकृति और पर्यावरण की पूजा है। आज का यह दिन पर्यावरण बचाने का संदेश देता है। सीएम बोले- "भगवान ने यह धरती केवल मनुष्यों के लिए नहीं, बल्कि इस पर रहने वाले सभी पेड़-पौधों, जीव-जंतु सबके लिए बनाई। भौतिक प्रगति की चाह में मनुष्य ने पर्यावरण में असंतुलन पैदा कर दिया, जिससे आज धरती के अस्तित्व पर ही संकट पैदा हो गया। ऐसे समय में गोवर्धन पूजा पर्यावरण बचाने का संदेश है।"

पूरे देश में मनाया जा रहा है गोवर्धन पूजा का पर्व

आपको बताते चलें कि, दिवाली के बाद पूरे देश में गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जा रहा है और भगवान गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस दिन प्रकृति के आधार के रूप में गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है और समाज के आधार के रूप में गाय की पूजा होती है।

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