आज बाजीराव प्रथम और विनायक कृष्ण गोकाक की पुण्यतिथि, सीएम ने दी विनम्र श्रद्धांजलि
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आज बाजीराव प्रथम और विनायक कृष्ण गोकाक की पुण्यतिथि, सीएम ने दी विनम्र श्रद्धांजलि

भोपाल, मध्यप्रदेश। बाजीराव प्रथम और विनायक कृष्ण गोकाक की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री शिवराज ने किया याद, ट्वीट कर उन्हें दी श्रद्धांजलि।

भोपाल, मध्यप्रदेश। राष्ट्रभक्ति को ही पूजा समझने वाले एक अद्वितीय योद्धा और रणनीतिकार बाजीराव प्रथम और कन्नड़ भाषा के सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं साहित्य के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से अलंकृत विनायक कृष्ण गोकाक की आज पुण्यतिथि है। आज के दिन उन्हें याद कर ट्विटर पर कई नेता उन्हें याद कर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इस मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

बाजीराव प्रथम की पुण्यतिथि :

पेशवा बाजीराव प्रथम महान सेनानायक थे, 28 अप्रैल 1740 में बाजीराव पेशवा प्रथम का निधन रावेरखेड़ी में हुआ था। बाजीराव प्रथम की पुण्यतिथि पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने याद किया, मुख्यमंत्री शिवराज ने ट्वीट कर लिखा- अजेय और अप्रतिम योद्धा, वीर पेशवा बाजीराव प्रथम की पुण्यतिथि पर कोटिश: नमन! आपके शौर्य, पराक्रम और वीरता की गौरवगाथा पर भारत की भावी पीढ़ियों को सदैव गर्व रहेगा। वीर शिरोमणि को प्रणाम।

वीडी शर्मा ने भी किया ट्वीट :

बाजीराव प्रथम की पुण्यतिथि पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने ट्वीट कर लिखा- सम्पूर्ण भारत में मराठा साम्राज्य की पताका फहराने वाले अजेय योद्धा पेशवा बाजीराव प्रथम की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण नमन। पेशवा बाजीराव जी प्रथम अकेले ऐसे महावीर महायोद्धा थे, जिन्होंने अपने जीवनकाल में 41 युद्ध लड़े और एक भी युद्ध नहीं हारा। मातृभूमि के लिए उनका समर्पण प्रणम्य है।

विनायक कृष्ण गोकाक की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री ने किया याद :

विनायक कृष्ण गोकाक कन्नड़ भाषा के लेखक थे, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित कन्नड़ भाषा के प्रमुख साहित्यकार विनायक कृष्ण गोकाक का निधन आज के दिन 1992 में हुआ था। विनायक कृष्ण गोकाक की पुण्यतिथि एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा- ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित, कन्नड़ भाषा के प्रमुख साहित्यकार डॉ. विनायक कृष्ण गोकाक जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। गोकाक जी की भारत सिंधु रश्मि, कलोपासक, जन-नायक और युगांतर जैसी रचनाएं साहित्य जगत को सदैव सुवासित करती रहेंगी।

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