विज्ञान केंद्र के बनने से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा : थावरचंद गहलोत
थावरचंद गहलोत ने किया भूमि पूजनSocial Media

विज्ञान केंद्र के बनने से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा : थावरचंद गहलोत

उज्जैन, मध्यप्रदेश : कर्नाटक राज्य के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा है कि विज्ञान केंद्र के बनने से लोगों को ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

उज्जैन, मध्यप्रदेश। कर्नाटक राज्य के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा है कि विज्ञान केंद्र के बनने से लोगों को ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। श्री गहलोत गुरुवार को उज्जैन में तारामंडल परिसर में विज्ञान केंद्र का भूमि-पूजन कर रहे थे। इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा, उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव, सांसद अनिल फिरोजिया, विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री जयंत सहस्त्रबुद्धे और पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया भी उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री गहलोत ने कहा कि विज्ञान केंद्र की स्थापना से जहां एक ओर शिक्षा से जुड़े लोग लाभान्वित होंगे, वहां जन-समुदाय की विज्ञान के प्रति रूचि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विज्ञान केंद्र उज्जैनवासियों के लिए सौगात है।

प्रदेश के एमएसएमई मंत्री श्री सखलेचा ने कहा कि प्राचीन भारत में उज्जयिनी नगरी शिक्षा का बड़ा केंद्र रहा है। यहांपर भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की है। पूरी दुनिया में भारत में ही पहली बार समय की गणना हुई है। हमारे इतिहास में विज्ञान से सम्बन्धित बहुत कुछ ज्ञानवर्धक बातें हैं। भारत का विज्ञान बहुत आगे है। उज्जैन में विज्ञान के साथ-साथ अन्य विकास कार्यों से समय-समय पर जरूरतें पूरी की जायेंगी। सपने देखना हमारा काम है और सपने को पूरा करना शासन का काम है। उज्जैन आगे बढ़े, ऐसा हम सबका प्रयास रहेगा। उन्होंने बताया कि लगातार प्रयास कर इस केंद्र की स्थापना के लिए 16 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत विकास की कड़ी में तारा-मण्डल निर्माण में 16 करोड़ 70 लाख रुपए से अधिक की राशि व्यय होगी। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद कलकत्ता तथा संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की योजना के अन्तर्गत उज्जैन में विज्ञान केन्द्र की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि पांच एकड़ क्षेत्र में लगभग 16.70 करोड़ की लागत से विज्ञान केंद्र स्थापित होगा। कार्यक्रम में प्रदर्शनी की विवरणिका का विमोचन भी किया गया।

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