पन्ना में मिले दो नायाब हीरे, एक करोड़ से अधिक आंकी जा रही कीमत

पन्ना, मध्य प्रदेश : पन्ना की धरती कब किसकी किस्मत बदल दें, इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता। जमीन खोद कर पसीना बहाने वाले मजदूरों के हाथ आज फिर दो नायाब हीरे लगे और उनकी किस्मत बदल गई।
पन्ना में मिले दो नायाब हीरे, एक करोड़ से अधिक आंकी जा रही कीमत
पन्ना में मिले दो नायाब हीरे, एक करोड़ से अधिक आंकी जा रही कीमतAnil Tiwari

पन्ना, मध्य प्रदेश। पन्ना की धरती कब किसकी किस्मत बदल दे, इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता। जमीन खोद कर पसीना बहाने वाले मजदूरों के हाथ आज फिर दो नायाब हीरे लगे और उनकी किस्मत बदल गई। लॉकडाउन में काम धंधा नहीं होने के कारण शुरू की गई हीरा खदान में आज किस्मत को पलट दिया। पन्ना हीरा कार्यालय में आज एक ही दिन में दो नायाब हीरे जमा कराए गये। बताया जाता है कि पहला बड़ा हीरा 14.98 कैरेट का है तो दूसरा हीरा 7.44 कैरेट का। पहले बड़े हीरे 14.98 कैरेट वाले कि अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ बताई जा रही है, तो वहीं 7.44 कैरेट वाले हीरे की कीमत 35 लाख से ज्यादा आंकी जा रही है। आज हीरा कार्यालय में दो बड़े हीरा जमा होने से आज का दिन दोनों बेरेाजगार लोगों के लिए  दिवाली से पहले खुशियां लेकर आया है।

पन्ना जिला वैसे तो बेशकीमती हीरों के लिए देश दुनिया में विश्व विख्यात है। पन्ना की रतनगर्भा धरती से इन दिनों दिवाली से पहले बेशकीमती हीरे निकल रहे हैं। आज पन्ना की रत्नगर्भा धरती ने दो मजदूरों की किस्मत चमका दी है। जिसमें पहला बड़ा हीरा कृष्ण कल्याणपुर पटी की उथली खदान से 14.98 कैरेट का मिला और दूसरा बड़ा हीरा जरुआपुर की उथली हीरा खदान से 7.44 कैरेट का हीरा मिला है। आज जिन दो मजदूरों को हीरे मिले हैं। उनमें से कृष्ण कल्याणपुर की उथली हीरा खदान से 14.98 कैरेट का हीरा पाने वाले लखन सिंह यादव के परिवार की स्थिति बेहद गंभीर थी। उन्होंने बताया कि वह लगभग 20 वर्ष से खदान लगाते चले आ रहे हैं। लेकिन उन्हें अभी जाकर बड़ा हीरा मिला है। इसी प्रकार 7.44 कैरेट हीरा पाने वाले मजदूर दिलीप मिस्त्री ने बताया कि लॉकडाउन में बेरोजगार होने के बाद हीरा खदान लगाई और वह 6 माह से लगातार जरुआपुर की हीरा खदान में काम कर रहे हैं। उन्हें आज 7.44 कैरेट का हीरा प्राप्त हुआ है। इससे पहले उन्हें चार छोटे-छोटे हीरे मिल चुके हैं। बड़ा हीरा उन्हें पहली बार मिला है। खदान में काम करने वाले खदान संचालक दिलीप मिस्त्री के साथ चार अन्य साथी भी खदान में पार्टनर थे। इसलिए आज खदान संचालकों की खुशी समा नहीं रही है। पन्ना की धरती लगातार दिवाली से पहले मजदूरों की किस्मत चमका रही है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व ही 7 कैरेट का एक हीरा मिला था और आज एक ही दिन दो बड़े हीरे मिलने से हीरा कार्यालय में भी उत्साह देखा गया। विदित हो कि पन्ना में सामान्य तौर पर हीरे मिलते हैं, लेकिन इतने बड़े हीरे कम ही पाए जाते हैं। सालों के कभी इतने बड़े हीरे मिलते हैं। लेकिन इस बार एक सप्ताह में ही 3 बड़े हीरे मिलने से पन्ना में हीरा कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।

हीरा नीति में सुधार की दरकार :

पन्ना में हीरा उद्योग को बढ़ावा दिए जाने के लिए हीरा कारोबार से जुड़े लोग नीति में बदलाव की मांग लम्बे समय से कर रहे हैं। पन्ना में उथली हीरा खदानों के लिए सीमित साधन पर काम करना होता है। हीरा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बड़े क्षेत्र में हीरा खनन की अनुमति देने एवं खनन में मशीनरी के उपयोग को प्रतिबंध से मुक्त कराने की मांग होती रही है। वहीं हीरा जमा करने पर अनुमानित कीमत की आधी राशि तत्काल दिए जाने की मांग भी है। सामान्य तौर पर हीरा मिलने के बाद भी उसकी रकम पाने के लिए महीनों नीलामी का इंतजार करना होता है, इसके अलावा यदि हीरा नीलामी में नहीं बिका तो यह इंतजार सालों तक का हो जाता है। ऐसे में अधिकांश लोग हीरा कार्यालय में आने की बजाए ब्लेक मार्केट में हीरा बेच देते हैं। यदि नीति में सुधार हो तो निश्चित तौर पर हीरा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह के खनिज साधन मंत्री बनने के बाद उम्मीद जताई जा रही है, कि इसमें सुधार जल्द होगा।

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