व्यवसायी ने फाँसी लगाकर की जीवन लीला समाप्त
व्यवसायी ने फाँसी लगाकर की जीवन लीला समाप्त|Gaurav Kapoor
मध्य प्रदेश

अज्ञात कारणों के चलते व्यवसायी ने फाँसी लगाकर की जीवन लीला समाप्त

मध्यप्रदेश में कोरोना संकटकाल के बीच उज्जैन के खाचरौद खब्बावास क्षेत्र में किराना व्यवसायी ने फांसी लगाई।

Gaurav Kapoor

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के खाचरौद खब्बावास क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह 40 वर्षीय किराना व्यवसायी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। परिवार जन को जानकारी लगते ही सिविल अस्पताल लाया गया, जहाँ परीक्षण के बाद युवक को मृत घोषित कर पुलिस को जानकारी दी गई, पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार को सुपर्द किया। मामले में मर्ग कायम कर जांच में लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार किराना व्यवसायी निरंजन राठी कर्ज के बोझ में दबा हुआ था, कर्जदार परेशान कर रहे थे, वहीं दूसरी और गृह क्लेश और बीमारी भी आत्महत्या की वजह बताई जा रही हैं। आखिर ऐसा क्या दर्द था निरंजन को गृह क्लेश, बीमारी कर्ज का दबाव, ये सच्चाई तो गर्भ में युवक के मोबाइल में छुपी है। जिसका खुलासा खाचरौद पुलिस के हाथों सुरक्षित हैं।

हमारे विश्वस्त सूत्रों से जो जानकारी निकलकर सामने आई है कि किराना व्यवसायी निरंजन राठी संपन्न परिवार से था जो बड़े मुनाफे के लालच में आकर अवैध शेयर कमोडिटी डिब्बा बाजार की लिंक से जुड़ा हुआ था। जिसमें युवक को भारी भरकम नुकसान हुआ और युवक कर्ज के बोझ में दबता चला गया। डिब्बे कमोडिटी के अवैध व्यवसाय से जुड़े क्षेत्र के दबंग लोगों द्वारा युवक को रुपये देने के लिये बेइज्जत कर प्रोपर्टी बेचकर कर्ज उतारने के लिये मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था जिसके चलते युवक द्वारा ये कदम उठाए जाना चर्चा का विषय बना हुआ हैं। खाचरौद क्षेत्र में कमोडिटी डिब्बा व्यापार लंबे समय से संचालित किया जा रहा है। कई प्रतिष्ठित लोगों के मकान प्रोपर्टी तक बेच चुके हैं इस व्यापार में 100 में से 10 लोग ही क्षेत्र में मुनाफ़ा अर्जित कर पाए हैं।

खाचरौद पुलिस यदि सख्त होकर मामले कि विवेचना करे तो कई अहम खुलासे पुलिस कर सकती हैं। हालांकि इन अवैध धंधेबाजों के भी हाथ लंबे होने से थोड़ा मुश्किल जरूर है पुलिस के लिये लेकिन पुलिस के प्रति लोगो का विश्वास आज भी जिंदा है। खाचरौद पुलिस यदि सख्त होकर काम करें तो कई ऐसे लोग पुलिस की गिरफ्त में आ सकते हैं जो अवैध धंधो में लिप्त होकर करोड़ों के वारे-न्यारे करने में अंचल में जुटे हैं, जिनकी जड़ खाचरौद ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश में फैली हुई हैं जिनकी पहुँच राजनीति से लेकर पुलिस तक बहुत गहरी है। इस धंधे में जो भी फंसा उसके हाल बुरे ही हुए हैं। खाचरौद के कई घर डिब्बा धारी दबंग बिकवा भी चुके हैं इन लोगों के खिलाफ शिकायत करना अपनी जान को जोखिम में डालने समान है। कमोडिटी डिब्बे के अवैध व्यवसाय से जुड़े लोग करोड़ों के वारे-न्यारे करने में जुटे हैं जिनकी जड़ खाचरौद ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश में फैली हुई हैं। जिन्हें राजनीति संरक्षण भी प्राप्त है। खाचरौद के अच्छे अच्छे घरो को बिकवा भी चुके हैं कई लोग मकड़जाल में उलझकर कर्ज के बाबू हैं जिन्होंने अपने पुश्तैनी मकानों को बेचकर अवैध धंधेबाजों का कर्ज चुकाया है।

इनका कहना हैं- इस मामले में खाचरौद थाना प्रभारी केके द्विवेदी ने बताया की प्रारंभिक जांच में मृतक कर्ज में उलझा हुआ जानकारी प्राप्त हुई है। 180 दिन तक जांच चलती हैं। एक एक कड़ी निकलेगी। परिवार के बयान होंगे। गुनहगार को पुलिस द्वारा बख्शा नहीं जायेगा।

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