पकड़ा गया फ़रेबी गिरोह
पकड़ा गया फ़रेबी गिरोह|Deepika Pal - RE
मध्य प्रदेश

नेपाली उपराष्ट्रपति की धौंस से कर रहे थे ऐश, पकड़ा गया फ़रेबी गिरोह

उज्जैन, मध्यप्रदेश : वीवीआईपी का दर्जा लेकर सरकारी सुविधाएं ले रहे गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफाश, नेपाल समरसता यात्रा के नाम पर अपना प्रभाव दिखाकर कर चुके हैं ठगी।

Deepika Pal

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राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश में आपराधिक गतिविधियों के बढ़ते ग्राफ के बीच उज्जैन से ताजा मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस की टीम ने कड़ी कार्रवाई कर एक गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को स्वयं को नेपाल के प्रतिनिधि बताए जाने और वीआईपी दर्जा पाकर सरकारी सुविधाएं लेने के आरोप में गिरफ्त में लिया है। फिलहाल पुलिस ने तीनों पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला :

मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला उज्जैन से सामने आया है जहां पुलिस ने बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बताया कि, देवास रोड के पास स्थित सर्किट हाउस में बीती रात तीन लोग कार से आए थे और जिनमें से आरोपी महावीर प्रसाद तोरड़ी ने स्वयं को नेपाल के राष्ट्रपति का विशेष सांस्कृतिक सलाहकार बताया साथ ही अन्य दो लोगों में आरोपी प्रमोद शर्मा और कुलदीप शर्मा ने क्रमश: स्पेशल एडवाइजर टू फर्स्ट वाइस प्रेसिडेंट और निज सचिव होना बताया। इसके बाद सर्किट हाउस प्रभारी को उनके पहचान होने पर संदेह होने पर तत्काल माधव नगर थाने को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तीनों आरोपी को गिरफ्त में लेकर पूछताछ शुरू की। वहीं पुलिस के द्वारा आरोपियों से सरकारी दस्तावेज साक्ष्य के तौर पर मांगने पर नेपाल सरकार के कोई आधिकारिक और सरकारी दस्तावेज वे पेश नहीं कर पाए।

राजस्थान के रहने वाले हैं आरोपी :

पुलिस की जांच में सामने आया है कि, तीनों आरोपी राजस्थान के रहने वाले हैं और उनके खिलाफ पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है। बता दें कि, तीनों आरोपी पहले आगर-मालवा वीवीआईपी दर्जे के साथ पहले नलखेड़ा में पीताम्बरा सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे उसके बाद वे उज्जैन महाकाल मंदिर में भस्मारती में शामिल होने आए और बाद में सर्किट हाउस पहुंचे थे। पुलिस द्वारा इन तीनों आरोपी पर प्रोटोकॉल में फोलोगार्ड लगाया गया था। खुलासा हुआ कि आरोपी 2010 में सरकारी सुविधा का लाभ उठाकर अंतरराज्यीय स्तर पर धोखाधड़ी कर चुके हैं, वहीं इनके द्वारा नेपाल समरसता यात्रा के नाम पर अपना प्रभाव दिखाकर पैसे ऐंठ चुके हैं। साथ ही आरोपियों द्वारा वर्ष 2018 में फॉलोगार्ड की सुविधा लेकर महाकाल के दर्शन करने का भी खुलासा हुआ है।

विशेष सेल द्वारा पूछताछ जारी :

मामले पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 419ए, 420ए, 464ए, 465ए, 468ए, 470ए, 471ए, 120 बीए 34 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर गिरफ्त में लिया है वही उनके पास से गर्वमेंट ऑफ नेपाल की नेमप्लेट लगी हुई कार भी जब्त की है। फिलहाल मामले में विशेष साइबर सेल द्वारा पूछताछ की जा रही है।

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