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पूर्व विधायक के पक्ष में उमा भारती का प्रशासनिक अधिकारियों पर तंज
पूर्व विधायक के पक्ष में उमा भारती का प्रशासनिक अधिकारियों पर तंज |Social Media
मध्य प्रदेश

पूर्व विधायक के पक्ष में उमा भारती का प्रशासनिक अधिकारियों पर तंज

गणतंत्र दिवस पर छिंदवाड़ा जिले में पूर्व भाजपा विधायक को महिला एसडीएम द्वारा CAA पर भाषण से रोकने पर प्रदेश में सियासत गरमा गई है। जिसके चलते उमा भारती ने प्रशासनिक अधिकारियों पर तंज कसा है।

Aditya Shrivastava

राज एक्सप्रेस। प्रदेश में जहां एक तरफ गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा था। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के गृह नगर छिंदवाड़ा जिले में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे भाजपा नेता व पूर्व विधायक रमेश दुबे को एसडीएम मेघा शर्मा द्वारा सीएए पर भाषण देने से मना कर दिया। इसी के चलते आज उमा भारती ने ट्वीट कर प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला बोला है।

भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने ट्वीट कर कहा, एक बार फिर छिंदवाड़ा जिले में राजगढ़ जिले की जैसी घटना हो गई जिसमें एक प्रशासनिक अधिकारी ने कांग्रेस के कार्यकर्ता की तरह बर्ताव किया एवं संविधान की मर्यादा का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा, चौरई के पूर्व भाजपा विधायक गणतंत्र दिवस समारोह में आयोजित कार्यक्रम में CAA के बारे में कुछ सकारात्मक बातें कह रहे थे तो वहां की एक एसडीएम ने खड़े होकर कहा कि यह विवादास्पद विषय है तथा रमेश दुबे जी को बोलने से रोक दिया।

आगे ट्वीट कर भाजपा वरिष्ठ नेता उमा भारती ने लिखा, CAA का विधेयक संसद के दोनों सदनों में पास हो चुका है। ऐसे में कोई सरकारी अधिकारी यदि इसको विवादास्पद विषय मानता है तो वह भी भारतीय संविधान की अवमानना करता है। लगता है, मध्यप्रदेश में प्रशासनिक अधिकारी यह भूल गए हैं कि यहां पर कांग्रेस की सरकार है किंतु यहां के सरकारी अधिकारी कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं है। चापलूसी की सारी मर्यादाएं पार करते हुए संवैधानिक दायित्व का ही स्मरण न रहना देश एवं मध्य प्रदेश राज्य के लिए यह घातक होगा।

दरअसल, प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में गणतंत्र दिवस के अवसर पर चौरई नगरपालिका द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजित किया गया था जिस दौरान भाजपा नेता व पूर्व विधायक रमेश दुबे ने मंच को संबोधित करते हुए नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन और फायदे गिनाने लगे, उनको इस मुद्दे पर बोलने से मना करने के लिए जैसे ही चौरई की एसडीएम मेघा शर्मा ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को उनके पास भेजा वह इस पर भड़क गए और बोले इस अधिनियम पर बोलने से कोई कैसे रोक सकता है।

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