Umaria : अवैध अतिक्रमण पर चली जेसीबी
अवैध अतिक्रमण पर चली जेसीबीराज एक्सप्रेस, संवाददाता

Umaria : अवैध अतिक्रमण पर चली जेसीबी

उमरिया, मध्यप्रदेश : मुख्यालय स्थित धावड़ा कालोनी में मौजूद कालरी क्वार्टर्स से सटे सरकारी भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को जमींदोज किया गया है।
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आखिरकार उमरिया शहर में भी जेसीबी से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई, इस कार्यवाही में दो दर्जन से अधिक मकानों को ढहाया गया, जिसमें कांग्रेस और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रिया रही। कांग्रेस ने अतिक्रमण हटाने की इस कार्यवाही का विरोध किया तथा प्रशासन को दोषपूर्ण कार्यवाही करने का दोषी ठहराया।

उमरिया, मध्यप्रदेश। मुख्यालय स्थित धावड़ा कालोनी में मौजूद कालरी क्वार्टर्स से सटे सरकारी भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को जमींदोज किया गया है। प्रशासन ने पहले ही अतिक्रमणकारियों को चेताया था कि सरकारी जमीन से अपना अतिक्रमण हटा लें, लेकिन प्रशासनिक चेतावनी का कोई असर नहीं दिखा। अंतत: प्रशासन को कार्यवाही करने के लिये मजबूर होना पड़ा। इस कार्यवाही के लिये प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किये गये थे, जिससे कोई अप्रिय घटना न हो सके। अतिक्रमण हटाने के दौरान जिला प्रशासन के दर्जनों अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, सुरक्षा इंतजाम में भी कोई कोताही नहीं बरती गई।

नोटिस की गई थी जारी :

बताया जाता है कि उक्त अवैध अतिक्रमण धावड़ा कालोनी में निवासरत कालरी कर्मचारी या दूसरे लोग गैरेज या प्रतिष्ठान आदि खोलने के लिए किए थे, जिन्हें जिला प्रशासन ने जमींदोज किया है। अतिक्रमण हटाने कई बार राजस्व अमले ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस आदि भी दी है, परन्तु कोई कार्यवाही न होता देख प्रशासन ने मंगलवार की दोपहर 3:30 बजे सभी 28 भवनों को जमींदोज कर दिया है।

अतिक्रमण हटाना पक्षपातपूर्ण :

कांग्रेस ने प्रशासन द्वारा की जा रही अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को द्वेष से प्रेरित और पक्षपातपूर्ण बताया है। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ने कहा कि नगर की धावड़ा कॉलोनी में लोगों का पक्ष सुने बिना ही अन्यायपूर्ण तरीके से दर्जनों मकान तोड़ दिए गए हैं। जिससे कई परिवार सड़क पर आ गए हैं। कथित भूमि शासन की है या एसईसीएल की, यह जाने बगैर नजूल द्वारा आनन-फानन में कार्यवाही कर दी गई। कांग्रेस का कहना है कि एक तरफ प्रदेश सरकार ने वर्ष 2014 से पूर्व काबिजदारों को पट्टे देने हेतु धारणा का अधिकार लागू किया गया है। दूसरी तरफ 2000 के पूर्व से घर बना कर रह रहे लोगों पर भी कार्यवाही की गई है। यह सरकार की दोहरी नीति को दर्शाता है। कांग्रेस ने इस तरह की दोषपूर्ण कार्यवाही पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की है।

ये रहे मौजूद :

इस दौरान मौके पर कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के अलावा तहसीलदार दिलीप सिंह, नायब तहसीलदार कोमल रैकवार, नगर पालिका अधिकारी शशि कपूर गणपाले सहित राजस्व टीम, पुलिस कर्मी एवं नगरपालिका अधिकारी उपस्थित रहे।

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