उमरिया : एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मी निलंबित
उमरिया, मध्य प्रदेश : पुलिस अधीक्षक विकास शहवाल ने चंदिया थाने में पदस्थ तीन पुलिसकर्मियों को पुलिस की अभिरक्षा से फरार हुए आरोपी के मामले में निलंबित किया है।
उमरिया : एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मी निलंबित
एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मी निलंबितSocial Media

उमरिया, मध्य प्रदेश। पुलिस अधीक्षक विकास शहवाल ने चंदिया थाने में पदस्थ तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। जिनमें एक सहायक उपनिरीक्षक, एक प्रधान आरक्षक और एक आरक्षक शामिल हैं। अपनी ही बेटी के अपहरण के आरोप में पुलिस की अभिरक्षा से फरार हुए आरोपी के मामले में कार्यवाही की गई है। 18 सितम्बर को आरोपी फरार हुआ था, जिसे पुलिस ने 20 सितम्बर को हिरासत में लिया था। पूरे मामले के जांच के आदेश कप्तान ने दिये थे, जिसमें लापरवाही मिलने पर कार्यवाही की गई है।

इन पर हुई कार्यवाही :

जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि पुलिस की अभिरक्षा से फरार हुआ आरोपी कोमल कोल चंदिया थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक रसिया साकेत, प्रधान आरक्षक रामबकस कोल व आरक्षक बैजनाथ भूमिया की लापरवाही के चलते पुलिस की अभिरक्षा से फरार हुआ था। अपनी ही बेटी के अपहरण के आरोप में पुलिस ने कोमल कोल को हिरासत में लिया था, वह 18 सितम्बर की सुबह फरार हो गया था। जिसे पुलिस ने 20 सितम्बर की सुबह उसके घर के पास से गिरफ्तार किया था।

18 दिनों से नदी में खंगाल रही पुलिस :

पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी कमल कोल ने पुलिस को बताया था कि वह अपने ससुराल ग्राम पूंछी से 7 सितम्बर को अपनी बेटी चांदनी के साथ लौट रहा था, तभी वह मछडार नदी में गिर गई थी, मामला संदिग्ध मानते हुए परिजनों ने पिता के ऊपर अपनी ही पुत्री के अपहरण का मामला दर्ज कराया था। पुलिस बीते 18 दिनों से नदी में चांदनी की तलाश में जुटी हुई है, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी, वहीं आरोपी बातों में कितनी सच्चाई है, यह तो जांच के बाद ही सामने आयेगा, वहीं लापता मासूम बेटी के चलते उसकी मां को रो-रोकर बुरा हाल है।

कोतवाल के तबादले तक सीमित :

बीते माह 30 अगस्त की रात्रि शहर के जमुना पेट्रोल पंप में लूट व तोड़फ़ोड़ की घटना हुई थी, जिसके बाद पीड़ितों व पेट्रोल पंप संचालक ने वारदात में शामिल सचिन पाठक को कोतवाली पुलिस के हवाले किया था, लेकिन बाद में उसे फरार दिखाया गया, जबकि सोशल मीडिया में कोतवाली के अंदर जाते समय उसका वीडियो भी वॉयरल हुआ था, इस मामले में कोतवाली प्रभारी वर्षा पटेल को आजाक की कमान देते हुए राकेश उइके को नया कोतवाल बना दिया गया। लेकिन चंदिया की तरह निलंबन और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हो सकी है, वहीं सचिन पाठक व हर्ष सिंह अभी भी फरार हैं, सूत्र बताते हैं कि कोतवाली में पदस्थ एक सितारा वर्दीधारी का इस मामले में संरक्षण हैं।

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