Umaria : चोरी की रेत पर वेण्डर ने वसूला वाणिज्य कर
चोरी की रेत पर वेण्डर ने वसूला वाणिज्य करRaj Express

Umaria : चोरी की रेत पर वेण्डर ने वसूला वाणिज्य कर

उमरिया, मध्यप्रदेश : एक-दूसरे पर मढ़ रहे भ्रष्टाचार का ठीकरा। खनिज विभाग की जांच से पंचायत में हुए भ्रष्टाचार का होगा खुलासा।
Summary

अवैध उत्खनन पर प्रशासन रोक लगाने के कितने भी ढोल पीट ले, लेकिन पंचायतों में वेण्डरों के माध्यम से लग रहे बिलों की अगर जांच हुई तो, प्रशासन की ढोल की पोल खुल जायेगी। करकेली जनपद की ग्राम पंचायत पतरेई में लगे खनिज सप्लाई में वेण्डर, सरपंच और रोजगार सहायक ने खेल-खेला है।

उमरिया, मध्यप्रदेश। जिले की जनपद पंचायत करकेली क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में अवैध रेत की सप्लाई की गई है। अवैध उत्खनन पर खनिज प्रशासन पूरी तरह से रोक लगाने में असमर्थ नजर आ रहा है। वहीं दूसरी ओर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर राजस्व विभाग, खनिज विभाग तथा पुलिस विभाग के अधिकारी भी चुप्पी साधे बैठे हैं। जिस कारण रेत माफिया पंचायतों में रेत खपा रहे हैं, पंचायत में होने वाले निर्माण में वेण्डर द्वारा चोरी की रेत सप्लाई को पंचायत के ही जिम्मेदार बढ़ावा दे रहे हैं।

फर्जी बिलों का जखीरा :

जनपद पंचायत करकेली की ग्राम पंचायत पतरेई में बीते वर्षाे में लाखों की रेत महाकाल ट्रेडर्स के संचालक कौशलेन्द्र प्रताप सिंह एवं हरिचरण गुप्ता की फर्म शिव ट्रेडर्स द्वारा सप्लाई के बिल लगाकर भुगतान लिये गये हैं, निर्माण कार्य में रेत लाकर निर्माण कार्य किया जा रहा है, मजे की बात तो यह है कि पतरेई पंचायत बिना रायल्टी के ही रेत खरीदी की है। जिससे एक ओर जहां रेत ठेकेदार को नुकसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर पंचायत के जिम्मेदारों ने चोरी को बढ़ावा दिया है, सूत्रों की माने तो पंचायत के रोजगार सहायक ने फर्म संचालक से सांठ-गांठ कर रेत के फर्जी बिल लगाए है, अगर निर्माण कार्याे एवं बिलों का मूल्याकंन हुआ तो, फर्जी बिलों का जखीरा सामने आएगा।

चोरी की है रेत :

ग्राम पंचायत पतरेई के सरपंच एवं रोजगार सहायक की चहेती फर्म महाकाल ट्रेडर्स के संचालक कौशलेन्द्र प्रताप सिंह से सांठ-गांठ कर बीते माहों में ही सामुदायिक शौचालय के नाम पर पंचायत में रेत की सप्लाई की है, जिसमें वेण्डर द्वारा चोरी की रेत पर भी जीएसटी पंचायत से लिया गया है, चर्चा है कि खनिज विभाग अगर इन बिलों की रेत की रॉयल्टी की जांच करे तो, वेण्डर द्वारा की गई रेत की चोरी का खुलासा हो सकता है, साथ ही पंचायत के जिम्मेदार पर भी गाज गिर सकती है।

शासकीय राशि की खेली होली :

ग्राम पंचायत पतरेई में विभिन्न मदों से हुए निर्माण कार्यो में लगाये गये बिलों में जमकर धांधली होने की चर्चा है, ग्राम पंचायत के ऑडिट के लिए रीवा, भोपाल सहित ग्वालियर से टीमें समय-समय पर आती है, लेकिन ग्राम पंचायत पतरेई में हुए भुगतान से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि पंचायत में होने वाला ऑडिट किस तरह से हुआ है और ऐसे भुगतानों पर ऑडिट में भी कोई आपित्त नहीं ली गई, ग्राम पंचायत में भण्डार क्रय नियमों का भी माखौल उड़ाया गया है, लेकिन जिन्हें नियम का पालन करना था एवं जिन्हें नियम पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, दोनों ने ही आपस में सांठ-गांठ कर शासन की राशि की जमकर होली खेली है।

पति कर रहे सरपंची :

ग्राम पंचायत पतरेई की जनता ने ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी महिला सरपंच के हाथों में सौंपी थी, लेकिन ग्राम पंचायत में होने वाले निर्माण सहित अन्य कार्याे में पंचायत सरपंच के पति का पूरा दखल रहता है, जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में होने वाले पंचायत चुनाव में सरपंच दावेदारी करेंगे नहीं, मजे की बात तो यह है कि ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी देख रहे रोजगार सहायक द्वारा भी ग्राम पंचायत में हुए भुगतान में वेण्डरों के साथ मिलकर मलाई छानने के आरोप लग रहे हैं, जागरूक लोगों का कहना है कि बीते वर्षाे में पंचायत में हुए भुगतान सहित निर्माण कार्याे की गुणवक्ता की जांच अगर जनपद सहित जिले में बैठे जिम्मेदार अगर एक बार कर ले तो, पंचायत में हुए विकास की ढोल की पोल स्वयं ही खुल जाएगी।

इनका कहना है :

पंचायत में वेण्डर ने जो बिल दिये, उस पर भुगतान कर दिया गया है, रॉयल्टी वेण्डर जाने, पंचायत में अगर चोरी की रेत सप्लाई हो रही है तो, जिम्मेदार विभाग सो रहा है क्या।

सरपंच पति, ग्राम पंचायत, पतरेई

रेत की रॉयल्टी हमारे पास नहीं है, नियमों के हिसाब से वैसे तो, पूरा काम हो नहीं सकता।

ओम प्रकाश रैदास, रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत पतरेई

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