भोपाल : 330 दिन बाद भी वीडी की टीम नहीं हुई तैयार
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भोपाल : 330 दिन बाद भी वीडी की टीम नहीं हुई तैयार

भोपाल, मध्य प्रदेश : एक साल पूरा होने में अब सिर्फ 35 दिन शेष हैं, बावजूद इसके प्रदेश कार्यकारिणी घोषित नहीं हुई है। सभी गुटों को संतुष्ट करने के चक्कर में उलझी भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी।

भोपाल, मध्य प्रदेश। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा की ताजपोशी को 330 दिन हो गए हैं। एक साल पूरा होने में अब सिर्फ 35 दिन शेष हैं, बावजूद इसके प्रदेश कार्यकारिणी घोषित नहीं हुई है। पिछले 330 दिनों तक प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने अकेले ही सब कुछ संभाला है। अब भाजपा नेता प्रदेश कार्यकारिणी घोषित होने का इंतजार करने के साथ ही पद के लिए लाबिंग भी कर रहे हैं। इससे श्री शर्मा पर जल्द कार्यकारिणी घोषित करने का दबाव भी बन रहा है। इधर प्रदेश अध्यक्ष सभी गुटों को संतुष्ट करने की माथापच्ची में अपनी टीम तैयार करने के लिए अधिक समय ले रहे हैं।

15 फरवरी 2020 को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विष्णुदत्त शर्मा को मध्यप्रदेश भाजपा का अध्यक्ष घोषित किया था। उनकी ताजपोशी उस समय की गई, जब प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं थी और संगठन को कांग्रेस सरकार के खिलाफ संभावित पांच साल संघर्ष करना था। ऐसे में अप्रत्याशित रूप से खजुराहो सांसद शर्मा को प्रदेश अध्यक्ष पद की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई। जिसकी राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई। श्री शर्मा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के कुछ समय बाद मार्च माह के अंतिम पखवाड़े में प्रदेश की राजनीति में उलटफेर हुआ और कांग्रेस सरकार गिरने के बाद भाजपा की सरकार बन गई। इससे श्री शर्मा का कद अपने आप ही बढ़ गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और श्री शर्मा ने मिलकर बहुत कुछ जमाया, जिसकी वजह से उपचुनाव में भाजपा 28 सीटों में से 19 सीट जीतने में कामयाब रही।

उपचुनाव में जीत के साथ ही श्री शर्मा के खाते में जीत की सफलता जमा हो गई। लेकिन सरकार बनाने से लेकर उपचुनाव जीतने तक लगभग एक साल का अरसा निकल गया। अब जबकि बीजेपी सरकार स्थिर हो गई है, तो प्रदेश के भाजपा नेता संगठन में जगह चाहते हैं। आला नेताओं के गुट में शामिल उनके समर्थकों ने भी अपने आकाओं पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है । यह बात प्रदेश अध्यक्ष भी समझ रहे हैं। यही वजह है कि अब उन्होंने अपनी टीम तैयार करने के लिए सभी बड़े नेताओं से बातचीत कर प्रारंभिक तौर पर कार्यकारिणी के कुछ नामों को तय किया है।

सिंधिया गुट पर माथापच्ची :

अब तक प्रदेश अध्यक्ष शर्मा को प्रदेश कार्यकारिणी तय करने में उतनी समस्या नहीं होती अगर सिंधिया गुट भाजपा में शामिल नहीं होता, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ही कई बड़े कांग्रेस नेता और उनके समर्थक भाजपा में शामिल हुए हैं। श्री शर्मा को सिंधिया गुट को भी तवज्जो देना है । अब उनके लिए माथापच्ची हो रही है। पिछले दिनों हुई कोर कमेटी की बैठक में भी सिंधिया गुट को कार्यकारिणी में जगह देने को लेकर चर्चा हुई थी। सांसद श्री सिंधिया अपने अधिकांश समर्थकों को भाजपा में स्थान दिलाने के प्रयास में है। जबकि श्री शर्मा अपने पुराने साथियों और कुछ आरएसएस में सक्रिय नेताओं को कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं। उधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर भी अपने समर्थकों को संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर काबिज कराने का दबाव है। इस सब उठापटक में प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा कोशिश कर रहे हैं कि सभी नेताओं के समर्थकों को कार्यकारिणी में शामिल किया जा सके।

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