जबलपुर : जिम्मेदार हैं बेखबर, आखिर आम जनता कितना करे सब्र?
अधूरा पड़ा मेडिकल तिराहे से तिलवाराघाट की ओर का मार्गRaj Express

जबलपुर : जिम्मेदार हैं बेखबर, आखिर आम जनता कितना करे सब्र?

जबलपुर, मध्यप्रदेश : हद कर दी शहर के नेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों ने। मेडिकल का पहुंच मार्ग दुर्दशा का शिकार, मरीज, परिजन व राहगीर सहित स्थानीय नागरिक हो रहे परेशान।

जबलपुर, मध्यप्रदेश। शहर के तमाम जिम्मेदार जनप्रतिनिधि फिर वह चाहे सांसद, विधायक, पूर्व महापौर व पार्षद सहित अन्य स्थानीय नेता क्यों न हो, यह सभी जिम्मेदार आम जनता को मूलभूत सुविधाएं दिलवाने के लिए ऐसे बेखबर हो जाएंगे हैं जैसे उनका आम जनता से कोई वास्ता ही न हो, दरअसल यह मामला नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के समीप काफी लम्बें समय से बन रहे सड़क मार्ग है, जिसके निर्माण कार्य का दंश स्थानीय नागरिक व राहगीर तो झेल ही रहें है और साथ में मेडिकल में आने वाले मरीजों के लिए भी यह निर्माण कार्य बहुत ही ज्यादा दुखदायी साबित हो रहा है।

इस संबंध में स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विगत करीब 6 माह से भी अधिक समय से मेडिकल अस्पताल तिराहे से लेकर तिलवारा मार्ग की ओर सड़क मार्ग का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य कछुआ की चाल से भी धीमा चल रहा है और इस वजह से इस सड़क मार्ग से आवागमन करना सभी के लिए बहुत ही ज्यादा कष्टदायी हो गया है। जिससे पीड़ित नागरिक व मरीज और परिजन हद से ही ज्यादा परेशान हो रहें हैं और न तो इस ओर प्रशासन का ध्यान है और न ही शहर के जनप्रतिनिधियों से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों का इस ओर ध्यान जा रहा है। जिससे उनकी कथनी और करनी में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है।

  • मेडिकल का प्रवेश द्वार

    मेडिकल का प्रवेश द्वार

  • मेडिकल अस्पताल के गेट के सामने खड़े ऑटो व बस

    मेडिकल अस्पताल के गेट के सामने खड़े ऑटो व बस

  • मेडिकल तिराहे से तिलवाराघाट की ओर का एकांगी मार्ग व रखे हुए स्टॉपर से बंद किया गया मार्ग

    मेडिकल तिराहे से तिलवाराघाट की ओर का एकांगी मार्ग व रखे हुए स्टॉपर से बंद किया गया मार्ग

सभी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर लग रहा प्रश्नचिन्ह :

आखिर इतने लम्बें समय से मेडिकल तिराहे से लेकर तिलवाराघाट सड़क मार्ग का मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के समीप का निर्माण अधूरा पड़ा है। जिस पर जिले तमाम वरिष्ठ अधिकारी संभागायुक्त, कलेक्टर, निगमायुक्त, एसपी से लेकर अन्य का ध्यान इस सड़क मार्ग पर नहीं है, जबकि यह सड़क मार्ग मेडिकल अस्पताल के समीप अधूरा पड़ा हुआ है, जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए था और अस्पताल के समीप सड़क मार्ग यथाशीघ्र बन जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है, जिससे तमाम प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह अंकित होना भी लाजमी है।

मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में हो रही दिक्कत :

मेडिकल तिराहा से लेकर तिलवाराघाट की ओर हो रही निर्माण कार्य के चलते मेडिकल अस्पताल तक का मार्ग एकांगी मार्ग हो गया है, इस वजह से राहगीरों को एक ही तरफ से सड़क में आवागमन करना पड़ रहा है, जिससे कई बार जाम जैसे भी हालत बन रहे हैं और तो कई बार जाम के कारण व अधूरे निर्माण के चलते एम्बुलेंस को भी फंसना पड़ता है और ऐसी स्थिति में मरीज व उनके परिजन भी बहुत ज्यादा परेशान होते हैं। जिससे समय पर अस्पताल तक पहुंचने में भी दिक्कत हो रही है।

मेडिकल अस्पताल का गेट बना ऑटो व बस का स्टैण्ड :

एकांगी मार्ग होने से मेडिकल अस्पताल के प्रवेश द्वारा को ही ऑटो चालकों के द्वारा ऑटो स्टैण्ड बना दिया गया है तो वहीं यहां से आवागमन एकांगी होने से मेडिकल का गेट बस स्टैण्ड बन गया है। जिससे मेडिकल के प्रवेश द्वारा में आए दिन ऑटो व बस खड़ी रहती है और इससे ऐसा प्रतीत होता है कि यह मेडिकल अस्पताल नहीं बल्कि वाहनों का स्टैण्ड हैं।

मेडिकल प्रबंधन को भी कोई सरोकार नहीं :

जबकि इतने लम्बें समय से मेडिकल अस्पताल के समीप का मार्ग अधूरा पड़ा हुआ है, जिसको लेकर मेडिकल प्रबंधन को भी संबंधित निर्माण एजेंसी, ठेकेदार व विभाग को पत्र लिखकर शीघ्र ही निर्माण कार्य करवाए जाने की मांग करना चाहिए, लेकिन उनके द्वारा ऐसा नहीं किया गया है। जिससे मेडिकल प्रबंधन को भी इस अधूरे सड़क निर्माण से कोई सरोकार होता हुआ नहीं दिख रहा है।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

No stories found.
Top Hindi News,Trending, Latest viral news,Breaking News - Raj Express
www.rajexpress.co