जीत से साबित हुआ कि जनता सिंधिया और उनके समर्थकों के कदम का समर्थन कर रही

भोपाल, मध्य प्रदेश : प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित विजय उत्सव में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बोले सीएम - भाजपा में सिंधिया ऐसे घुल मिल गए हैं जैसे दूध में शक्कर घुल जाती है।
जीत से साबित हुआ कि जनता सिंधिया और उनके समर्थकों के कदम का समर्थन कर रही
जनता सिंधिया और उनके समर्थकों के साथSocial Media

भोपाल, मध्य प्रदेश। मध्यप्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव में मंगलवार को शुरुआती जीत के साथ 230 सदस्यीय सदन में बहुमत हासिल करने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा की इस जीत से साबित हो गया है कि जनता तत्कालीन कमलनाथ सरकार को गिराने के ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके साथी कांग्रेस विधायकों के कदम का स्वागत करती है।

चौहान ने उपचुनाव में पार्टी को मिली जीत के उपलक्ष्य में यहां प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित विजय उत्सव में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कमलनाथ के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को भ्रष्टाचार और दलाली का अड्डा बना दिया था। उन्होंने प्रदेश का विकास ठप्प कर दिया था और हमारी सारी योजनाएं बंद कर दी थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने (कांग्रेस नेताओं) खूब गालियां दीं, कई तरह के आरोप लगाए। गद्दार, बिकाऊ और पता नहीं क्या-क्या कहा। लेकिन भाजपा की इस जीत ने साबित कर दिया कि सिंधिया और उनके साथियों ने कमलनाथ सरकार को गिराने का जो काम किया था, जनता उसका समर्थन करती है।

शिवराज सिंह ने कहा कि ये जनता की जीत है, भाजपा में उनके विश्वास की जीत है। कांग्रेस ने मुद्दों से ध्यान भटका कर बयानों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश की लेकिन जनता ने विकास की राजनीति को चुना। सिंधिया जी इसी राजनीति को छोड़कर भाजपा में आए थे और अब तो भाजपा में ज्योतिरादित्य सिंधिया ऐसे घुल मिल गए हैं जैसे दूध में शक्कर घुल जाती है। भारतीय जनता पार्टी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए की जीत को लेकर हम शुरू से ही आश्वस्त थे। चौहान ने कहा कि ये जीत विकास की जीत है, जनता के कल्याण की जीत है, हमारे विचार, संस्कार और विनम्रता की जीत है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, दंभ और अहंकार को पराजित होना पड़ा। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस विधायक सदन की सदस्यता से त्यागपत्र देकर हमारे साथ आए थे, उन्होंने अपना राजनीतिक करियर दांव पर लगाया था। मध्यप्रदेश में विधानसभा की 230 सदस्यीय सदन में बहुमत का जादुई आंकड़ा 116 है, जिससे भाजपा आगे निकल चुकी है।

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