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प्रभारी मंत्री के पीए पर जिला महासचिव ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
प्रभारी मंत्री के पीए पर जिला महासचिव ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप|Shashikant Rao
मध्य प्रदेश

विदिशाः प्रभारी मंत्री के पीए पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

विदिशाः पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक, जिला महासचिव संजय रघुवंशी ने प्रभारी मंत्री हर्ष यादव के पीए पर ट्रांसफर के लिए पैसे लेने का आरोप लगाया,बाद में मांगी माफी।

Shashikant Rao

राज एक्सप्रेस। आज विदिशा आगमन पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक, जिला महासचिव संजय रघुवंशी ने प्रभारी मंत्री की पीए पर ट्रांसफर के लिए पैसे लेने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। श्री रघुवंशी ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं के काम हो रहे हैं और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है। अनेक नेताओं के बीच बचाव के बाद संजय रघुवंशी को शांत किया जा सका।

जिला योजना समिति की बैठक में शामिल होने आए थे प्रभारी मंत्री :

बता दें कि, प्रभारी मंत्री हर्ष यादव मंगलवार को जिला योजना समिति की बैठक में शामिल होने आए थे। इससे पूर्व सर्किट हाउस में कांग्रेस नेताओं एवं आमजन से इसी दौरान कांग्रेस नेता संजय रघुवंशी ने प्रभारी मंत्री के पीए पर पैसे लेने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

श्री रघुवंशी ने भ्रष्टाचार का लगाया आरोपः

कांग्रेस कमेटी के महासचिव संजयसिंह रघुवंशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार में हमारी दुर्गति हो रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं से ट्रांसफर के लिए पैसे लिए जाते हैं। प्रभारी मंत्री के पीए अय्यूब खान पर संजय रघुवंशी ने पैसे लेने का आरोप लगाया।

हंगामा बढ़ते देख मामले को शांत कराया गयाः

हंगामा बढ़ते देख स्थिति को काबू में लाने के लिए विधायक शशांक भार्गव, पूर्व विधायक निशंक जैन, जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र रधुवंशी आदि संजय रघुवंशी को कक्ष में ले गए और समझाकर मामला शांत कराया। कक्ष से बाहर आकर संजय रघुवंशी ने कहा कि मैंने उतावलेपन में अपनी बात को गलत स्थान पर गलत तरीके से रखा उसके लिए मैं क्षमा मांगता हूं।

मुझे भेदभाव के आरोपों की कोई जानकारी नहीं- प्रभारी मंत्री हर्ष यादव

इस संबंध में प्रभारी मंत्री हर्ष यादव ने कहा कि लगाए गए भेदभाव के आरोपों की मुझे जानकारी नहीं है। प्रदेश में कमलनाथ की सरकार बनी है तब से किसी वर्ग, जाति या व्यक्ति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है। मामला संज्ञान में आने पर उचित कार्यवाही की जाएगी।