प्रताड़ना से तंग सरपंच की मौत
प्रताड़ना से तंग सरपंच की मौत|Amit Raikwar
मध्य प्रदेश

प्रताड़ना से तंग सरपंच की मौत, परिजनों ने लगाए कई गंभीर आरोप

लटेरी, विदिशा : क्षेत्र में प्रताड़ना से तंग आकर सरपंच ने मौत को गले लगाया, परिजनों ने शव थाने में रखकर घंटो तक किया एफआईआर का इंतजार।

Amit Raikwar

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के लटेरी जनपद की ग्राम पंचायत मुण्डेला के सरपंच जीवन मेहतर की मौत के बाद लटेरी थाने में काफी देर तक हंगामा चला। पीड़ित परिवार की मांग थी कि जीवन से गांव के कई लोग फर्जी तरीके से सरकारी राशि का आहरण कराना चाहते थे। जिसको लेकर सरपंच जीवन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, उक्त मामले में ग्राम का रोजगार सहायक सहित अन्य लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।

भ्रष्टाचार की कई शिकायतों के बाद मौत की खबर :

गौरतलब है कि लटेरी जनपद की ग्राम पंचायतों में लगातार भ्रष्टाचार की कई शिकायतें इन दिनों खुलकर सामने आ रही हैं। लेकिन ग्राम पंचायत मुण्डेला में तो नौबत इस बात पर आ गई कि ग्राम पंचायत के सरपंच को अपनी जान देकर चुकाना पड़ी। सरपंच जीवन एक दलित परिवार से सम्बंधित था सो गाँव के दबंगों की आंखों में हमेशा खटकता था। परिजनों ने भी ऐसा कभी नही सोचा था कि दबंगों के गाँव की सरपंची एक दिन उसकी जान ले लेगी। लिहाजा सरकारी राशि के आहरण को लेकर कई दिनों से वहां विवाद के हालात बने हुए थे जिसका पटाक्षेप जीवन की मौत से हुआ।

पीड़ित परिजनों का आरोप :

सरपंच जीवन की ग्राम पंचायत मुण्डेला के कई लोगों से चल रही रस्साकसी के मामले में परिजनों ने बताया कि गांव के जीआरएस सहित कई अन्य लोग लम्बे समय से परेशान करते आ रहे थे, जिसमे लटेरी जनपद के लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। गाँव के ही किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पंचायत का टेंकर अन्य कही बेंच दिया था जिसका आरोप भी सरपंच जीवन पर लगाया जा रहा था। ग्राम पंचायत में बतौर सरपंच जीवन ने पंचायत में चल रही खींचतान की शिकायत लटेरी पुलिस, जनपद सहित जिले के आला अधिकारियों से समय-समय पर की जाती रही थी। बाबजूद कभी कोई सुनवाई नही की गई और मामलों की शिकायत से गुस्साए दबंगों द्वारा सरपंच जीवन को लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा।

दलित सरपंच होने की भुगती सजा और हो गई मौत :

परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि, हम छोटी जाति के लोग ठहरे, गाँव के कुछ दबंगों द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। जिससे जीवन हताश नजर दिखाई दे रहा था। पंचायत के निर्माण कार्यों की राशि जीआरएस सहित अन्य लोग अपने खाते में डलवाने का दबाव बनाने के साथ फर्जी राशि ईपीओ के माध्यम से निकलवाना चाहते थे। जिसका विरोध वो लगातार करता आ रहा था, पीड़ित मृतक की पत्नि तथा बेटी ने बताया कि, लगातार हमारे पति तथा पिता को ये लोग परेशान कर रहे थे और आज हमने हमारे परिवार के मुखिया को खो दिया।

हो सकते हैं कई अहम खुलासे :

गौरतलब है कि मुण्डेला सरपंच की अचानक मौत के बाद परिजनों में गुस्सा है कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए गए हैं। खबर लिखे जाने तक मृतक की पत्नी तथा बेटी अचेत अवस्था में थीं। कौन -कौन लोग इस मामले में संलिप्त है पुलिस की जांच तथा परिजनों के बयानों के बाद इस पंचायत तथा सरपंच जीवन की मौत के जिम्मेदार जल्द ही सामने होंगे।

एक घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा :

जीवन की मौत से गुस्साए परिजन मुण्डेला से शव लेकर लटेरी पुलिस थाने पहुंचे और एफआईआर की मांग पर अड़ गए। वहीं मामले की गंभीरता देखते हुए थाना प्रभारी काशीराम कुशवाह ने जांच कर एफआईआर की बात कही और परिजन उग्र हो गए। चार पहिया वाहन से शव नीचे उतारकर थाने के गेट पर रखकर एफआईआर की मांग पर अड़ गए। लटेरी एसडीओपी बीएस सिसोदिया की समझाइश के बाद परिजन शान्त हुए और सरपंच जीवन का मृत शरीर वापस लेकर अस्पताल पहुंचे और पीएम कराया। उक्त घटनाक्रम लटेरी थाने में करीब घंटा भर चलता रहा इस दौरान थाने के बाहर काफी संख्या में भीड़ लगी रही हालांकि लटेरी पुलिस द्वारा तत्काल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी।

परिजन थाने आए थे मामले को देखते हुए मर्ग कायम कर हर पहलू की जांच की जा रही है, दोषियों पर कार्यवाही कर पीड़ित परिजनों को पूरा न्याय दिलाया जाएगा शव का पीएम कर परिजनों को सौंप दिया गया है।

बीएस सिसोदिया, एसडीओपी, लटेरी।

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