सिंगरौली जिले का एक ऐसा गांव जहां रातों-रात बस रही हैं बस्तियां

सिंगरौली, मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में नगर निगम क्षेत्र का एक वर्ग ऐसा भी है जहां पर रातों-रात हजारों की तादाद में घर बन चुके हैं एवं अन्य कई मकान निर्माणाधीन हैं।
सिंगरौली जिले का एक ऐसा गांव जहां रातों-रात बस रही हैं बस्तियां
सिंगरौली जिले का एक ऐसा गांव जहां रातों-रात बस रही हैं बस्तियांShashikant Kushwaha

सिंगरौली, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में नगर निगम क्षेत्र का एक वर्ग ऐसा भी है जहां पर रातों-रात हजारों की तादाद में घर बन चुके हैं एवं अन्य कई मकान निर्माणाधीन हैं वहीं इस गांव की आबादी में अचानक से इतना इजाफा यह बिल्कुल समझ से परे लगता है तो वहीं स्थानीय निवासी भी इस तरह से बन रहे घरों को लेकर जिला प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश जता रहे हैं जिले के प्रमुख विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों के साथ-साथ सफेदपोश नेताओं को भी यहां पर घर बनाने की होड़ लगी हुई है।

जानें पूरा मामला :

सिंगरौली जिले का नगर निगम क्षेत्र मुहेर जो कि वार्ड क्रमांक 2 में आता है वैसे तो यह वार्ड पूर्ण रूप से ग्रामीण क्षेत्र है इस बार की जमीन है अधिकतर असिंचित के तौर पर प्रशासनिक रिकॉर्ड में चिन्हित है असिंचित जमीनों के होने के बावजूद भी यहां पर लगातार 1 साल से जमीन की खरीद-फरोख्त बड़े पैमाने पर हुई है जिसका सीधा संबंध मुहेर वार्ड का अधिग्रहण होना बताया जा रहा है लोगों ने मुआबजे की चाहत में जमीनों की रजिस्ट्री तो करवा ली है और अब बाकायदा उन जमीनों पर मकान के नाम पर चार दीवारी का खेल शुरू कर दिया है। विगत कुछ दिन पूर्व ही जिले के कलेक्टर ने भ्रमण कर उक्त क्षेत्र में निर्माण कार्य पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे परंतु उन आदेशों की भी धज्जियां लगातार उड़ाई जा रही हैं।

मुआवजे के खेल में सरकारी अधिकारी कर्मचारी व नेताओं की लंबी लिस्ट :

दरसल मुहेर की जमीनों का अधिग्रहण कोयला उत्पादन में अग्रणी नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड कंपनी के द्वारा किया जाना है आपको बताते चलें कि मुआवजे को देखते हुए सिंगरौली ही नहीं अन्य जिलों के लोगों ने भी बाकायदा यहां पर दो ढाई डिसमिल से लेकर एकड़ तक में जमीनों की रजिस्ट्री बकायदा करवा ली है अधिग्रहित होने वाले क्षेत्र में अधिकतर रजिस्ट्री विगत एक डेढ़ सालों से लेकर अब तक हुई है इन रजिस्ट्री को को करवाने वाले जिले के सरकारी अधिकारी कर्मचारी भी पीछे नहीं है जिले के नामचीन अधिकारियों के द्वारा जमीनों की रजिस्ट्री कराई गई है तो वही जिले के नेताओं की भी लंबी लिस्ट साफ तौर पर देखी जा सकती है।

मकान के नाम पर चार दीवारी का निर्माण कार्य जोरों पर :

नगर निगम क्षेत्र का मुहेर वार्ड पर मुआवजे का खेल जहां एक तरफ जमीनों की रजिस्ट्री की तादाद बढ़ती जा रही तो वहीं दूसरी तरफ मकान के नाम पर चारदीवारी खड़ा करने का खेल लगातार दिन-रात युद्ध स्तर पर चालू है आपको बताते चलें कि मुआवजे के इस खेल में लोगों के द्वारा बाकायदा ईट की जुड़ाई के लिए मिट्टी का गारा प्रयोग में लाया जा रहा इसके साथ ही कुछ मकान ऐसे भी दिख रहे हैं जो कि नाममात्र की छत ढलाई का कार्य कर रहे हैं और यह सब तब भी बदस्तूर जारी है वहीं मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के वाराणसी से प्रतिदिन कई ट्रक इट लेकर गोरबी में गाड़ी नजर आ रही है। जब जिले के मुखिया जिला कलेक्टर के द्वारा क्षेत्र भ्रमण के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए बावजूद इसके अधिकारियों की नजर अंदाज करने का खामियाजा कहीं ना कहीं मुहेर के स्थानीय निवासियों एवं कंपनी को भुगतना पड़ेगा।

रातों रात क्षेत्र में बढ़ी मकानों की संख्या :

मुहेर क्षेत्र में रातों रात बढ़ी रहीं हैं मकानों की संख्या को लेकर मुहेर के ही 80 वर्षिय बुजुर्ग हीरा मणि ने बताया कि वे सन 1972 से मुहेर में रह कर गुजर बसर कर रहें हैं लगातार कई वर्षों के बाद आज लगातार बढ़ रहे 1000 से ज्यादा मकान पूर्णतः गलत तरीके से बनाये जा रहें हैं तो वहीं इन मकानों के लगातार निर्माण को लेकर जिला प्रशासन रवैये पर सवालिया निशान लगा दिया है।

नगर निगम क्षेत्र में भवन निर्माण परमिशन के बिना बन रहे हैं मकान :

वैसे तो नगर निगम क्षेत्र में निर्माण कार्यों को लेकर नगर निगम से अनुमति लेना आवश्यक होता है बिना अनुमति के किए गए निर्माण कार्यों को अवैध करार दिया जाता है बावजूद बिना किसी अनुमति के लोगों के द्वारा हजारों की तादाद में नगर निगम वार्ड में मकान का निर्माण कराया गया है एवं लगातार निर्माण कार्य जारी है जिस पर निगम के अधिकारियों कर्मचारियों की चुप्पी भी गले के नीचे नहीं उतर रही है ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि निगम अधिकारियों की शह पर भी निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है।

नगर निगम अधिकारी की दलीलें नही हो हजम :

मुहेर क्षेत्र में लगातार हो रहे अवैध निर्माण कार्य को लेकर जब नगर निगम के उपायुक्त बी पी उपाध्याय से चर्चा की गई तब उनके द्वारा दी गई दलीलें हजम नही हो रही है। मामले पर उन्होंने कहा कि नगर निगम ने सहायक यंत्री उपयंत्री एवं वार्ड प्रभारी की ड्यूटी लगा दी गई है इसके साथ ही उन्हें नए मकान निर्माण के संबंध में आदेशित किया जा चुका है कि उन्हें सूचीबद्ध करें व नोटिस की कार्यवाही करें। जब उपायुक्त से यह पूछा गया कि अब तक कितने लोगों को नोटिस जारी की जा चुकी है इसपर गोलमोल जवाब देते नजर आए।

इनका कहना है :

मुहेर में रातों रात मकान बनने के संबंध में चर्चा के दौरान कहा कि इसके संबंध में एन सी एल और अन्य सूत्रों से जानकारी प्राप्त हुई थी। डी एम साहब ने राजस्व और नगर निगम की निर्देशित किया है कि नोटिस जारी कर अतिक्रमण पर कार्यवाही की जाएगी व कई अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वारा अवैध निर्माण किया जा रहा है इस संबंध में जाँच हवाला देते हुए कार्यवाही की बात कही।

ऋषि पवार, एस डी एम, सिंगरौली

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