झखरावल पंचायत में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्राम वासियों ने खोला मोर्चा

देवसर, मध्य प्रदेश : भारी संख्या में ग्राम वासी शनिवार को एसडीएम तथा जनपद पंचायत सीईओ देवसर को ज्ञापन सौंपते हुए सरपंच सचिव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
झखरावल पंचायत में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्राम वासियों ने खोला मोर्चा
ज्ञापन सौपते ग्रामवासीShashikant Kushwaha

देवसर, मध्य प्रदेश। सिंगरौली जिले के देवसर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत झखरावल में विभिन्न निर्माण कार्य में हुई धांधली को लेकर ग्रामवासी लामबंद हो गए। भारी संख्या में ग्राम वासी शनिवार को एसडीएम तथा जनपद पंचायत सीईओ देवसर को ज्ञापन सौंपते हुए सरपंच सचिव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्राम वासियों ने ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि पंचायत में पिछले कुछ वर्षों के अंतराल में करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ है फर्जी बिल लगाकर राशि आहरित की गई है। वहीं अन्य भी कई आरोप लगाए गए, पीएम आवास देने के बदले 10 हजार रुपए कमीशन लिए जा रहे। यह मामला पिछले कुछ दिनों से समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रहा है। मामला उजागर होते ही ग्रामवासी काफी आक्रोशित नजर आ रहे हैं। शनिवार को ज्ञापन सौंपने पहुंचे समस्त ग्राम वासियों ने कहा कि ऐसे निर्माण कार्यों के नाम से राशि आहरित की गई है जो निर्माण कार्य स्थल पर नहीं हुए हैं। वहीं शौचालय निर्माण भी कागजों पर हुए हैं तथा शौचालय निर्माण की समस्त राशि हितग्राहियों के खाते में न देकर फर्जी वेंडरों के खाते में डालकर आहरित कर लिया गया है। इसी तरह से और भी कई फर्जी तरीके से भुगतान किए गए हैं सभी भुगतान की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है सभी ग्रामवासी कोविड नियमों का पालन करते हुए एसडीएम व सीईओ को ज्ञापन सौंपा ज्ञापन लेते हुए अधिकारियों ने अति शीघ्र जांच कराकर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने आए ग्राम वासियों ने यह भी कहा कि यदि समय पर जांच एवं संतोषजनक कार्यवाही नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन भी करेंगे।

मामले पर एक नजर :

ग्राम पंचायत में विकास के लिए मिली सरकारी राशि को कुछ चहेतों के बीच सरपंच एवं सचिव की मिलीभगत से बंदरबांट किया गया। मजदूरी भुगतान से लेकर सामग्री खरीदी में जमकर मनमानी की गई। हैरत की बात यह है कि मनमानी करने वाले सरपंच एवं सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी धोखे में रखा। जिस प्रकार से अनियमितता की गई है उससे यह स्पष्ट होता है कि इनमें वरिष्ठ अधिकारियों का थोड़ा भी खौफ नहीं है हालत यह है कि एक ही मजदूर को प्रतिदिन 2 हजार रुपए के हिसाब से मजदूरी बांट दी गई उसी व्यक्ति से सामग्री भी खरीद ली गई। एक ही व्यक्ति से इस प्रकार का भुगतान हुआ तथा फर्जी वेंडर से ईंधन की खरीदी की गई है। एक फोटोकॉपी की दुकान में काम करने वाले व्यक्ति से लाखों की सामग्री खरीदी गई है और उसी व्यक्ति से 20 हजार रुपए में कंप्यूटर का मरम्मत करवाया गया है, उसी व्यक्ति से रेत गिट्टी लोहा भी खरीदा गया है। टेंट के नाम पर जमकर राशि आहरित की गई है इसी तरह से तमाम फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपए डकार लिए गए ग्रामीणों को जब यह मालूम हुआ तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और समस्त ग्राम वासियों ने एकत्रित होकर इस मामले की गहन जांच करवाने की मांग की है।

कार्यवाही नहीं हुई तो होगा आंदोलन : प्रशांत

झखरावल पंचायत के युवा समाज सेवी प्रशांत द्विवेदी ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि अतिशीघ्र जांच एवं संतोषजनक कार्यवाही नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इसके लिए समस्त ग्रामवासी हर समय तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि यदि उच्च स्तरीय जांच हो तो कई घोटाले सामने आएंगे पंचायत में हुए घोटालों की कभी भी जांच नहीं हुई यही वजह है कि सरपंच सचिव मनमानी करते आ रहे हैं लेकिन अब मनमानी नहीं कर पाएंगे।

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