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ग्रामीण हुए एकजुट
ग्रामीण हुए एकजुट|Shashikant kushwaha
मध्य प्रदेश

तारकोल कंपनी द्वारा किये जा रहे प्रदूषण के खिलाफ ग्रामीण हुए एकजुट

सिंगरौली, मध्य प्रदेश : तारकोल कंपनी संचालक की मनमानी की शिकायत करने पहुचें ग्रामीणों ने आज जिला मुख्यालय पहुँच कर विरोध जताया, साथ ही कंपनी पर कई गंभीर आरोप लगाये हैं।

Shashikant Kushwaha

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के कोतवाली थाना बैढन अंतर्गत ग्राम पंचायत क्षेत्र सेमरिया के बभनी पहाड़ी गांव के बीचो-बीच आदिवासी बस्ती में तारकोल प्लांट लगाकर चलाया जा रहा है। जिससे प्रभावित रहवासियों ने बताया की प्लांट के संचालन से निकल रहे धूल -धुँए प्रदूषण के जहर से आस-पास बसे लोगों का जीना दूभर हो गया है।

संचालित प्लांट के आस-पास घनी बस्ती व स्कूल भी मौजूद हैं। तरह-तरह के बीमारी होने की संभावना बनी हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुये कहा कि, लोग अक्सर सांस की बीमारी से त्रस्त रहते हैं। आस-पास के लोगों द्वारा मना करने पर आये दिन गाली-गलौज और बंदूक से जान से मारने की धमकी दी जाती है। जिससे ग्रामीण काफी भयभीत हो चुके हैं ।

ग्रामीणों ने कहा-

लगभग 3 वर्षों से संचालित तारकोल प्लांट से लोगों का जीना मुहाल हो चुका है। जब इस प्लांट को चलाया जाता है तब काले धुंए का गुबार आसपास फैल कर मुश्किलें पैदा कर रहा है। ऐसी स्थिति में डामर प्लांट पर रोक लगायी जानी अति आवश्यक है और स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि, जिला कलेक्टर कार्यालय से लेकर शासन पुलिस चौकी और आजाक थाना में लिखित में शिकायत की है एवं जानमाल सुरक्षा की गुहार लगायी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुये बताया कि डामर कम्पनी संचालक द्वारा पूर्व में 2 घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। वहीं स्थानीय दहशत के साये में जी रहे हैं।

50 से ज्यादा ग्रामीणों ने की शिकायत

वहीं आज लगभग आधा सैंकड़ा से अधिक पीड़ित महिलायें -पुरुष, बुजुर्ग आये हुये थे और इस प्रकार का आरोप लगाते एवं बताते दिखे और अपनी जान - माल सुरक्षा न्याय की गुहार लगाते हुये आजाक थाना पहुंचे।

तारकोल है जहरीली

डॉक्टरों का कहना है कि जलते तारकोल से निकलने वाली गैस बेहद खतरनाक है। तारकोल को आग से तपाने के दौरान सल्फर डाई आक्साईड व कार्बन मोनो ऑक्साइड निकलती हैं। यह गैसें सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। अगर यह किसी एरिया में रातभर जलता है तो इससे बड़ी संख्या में लोग एक साथ प्रभावित होते हैं। यह ऑक्सीजन सोखने की क्षमता को 60 प्रतिशत कम कर देती है। इससे लंग्स इंफेक्शन के साथ कैंसर और हार्ट अटैक जैसे गंभीर परिणाम मिलते हैं।

इनका कहना है-

वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य परिषद सदस्य - संजय नामदेव को जानकारी मिली तो उन्होंने उक्त घटना को निंदनीय बताया और उस क्षेत्र में क्रेशर और डामर कंपनी के द्वारा धूल धुँए से हो रहे प्रदूषण पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है और कहा कि अगर 1 सप्ताह के अंदर कार्यवाही नहीं होती है तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी आंदोलन के लिये बाध्य होगी।

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