Raj Express
www.rajexpress.co
नौकरी में हुआ नियमों का उल्लंघन
नौकरी में हुआ नियमों का उल्लंघन|Pankaj Baraiya - RE
मध्य प्रदेश

दमोह: जिला अस्पताल में नौकरी में हुआ नियमों का उल्लंघन

दमोह, मध्य प्रदेश: जिला अस्पताल दमोह हमेशा से ही सुर्खियाँ बटोरता रहता है। नया मामला जिला अस्पताल में कम्प्यूटर आँपरेटरों की नियुक्ति के विषय में नियम के विरुद्ध लाभ पहुंचाने का मामला सामने आया है।

Sandeep Pathak

राज एक्सप्रेस। जिला अस्पताल दमोह हमेशा से ही अपनी कार्यप्रणालियों की वजह से सुर्खियाँ बटोरता रहता है। अभी हाल ही में अपर कलेक्टर तथा एसडीएम दमोह द्वारा औचक निरीक्षण में दवाईयों और खाता संधारण में वेरिएशन पाया गया था, जिसपर सिविल सर्जन डाँ. ममता तिमोरी को सुधार करने के लिए लिखा गया था। अब एक मामला जिला अस्पताल दमोह में कम्प्यूटर आँपरेटरों की नियुक्ति के विषय में नियम के विरुद्ध लाभ पहुंचाने का मामला सामने आया है।

अपात्र को दिया अनुचित लाभ :

जानकारी प्राप्त हुई है कि, 2015 में तत्कालीन सिविल सर्जन भोलाराम अग्रवाल द्वारा नियमों के तहत रखकर भर्ती हेतु आने वाले मरीजों की पर्ची बनाने के काम हेतु तीन कम्प्यूटर आँपरेटरों को संविदा के विरुद्ध आधार पर कलेक्टर रेट पर, तत्कालीन कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा जी के माध्यम से नियुक्त करा लिया गया था। जिसमें आरोप है कि, यह नियुक्तियां गलत तरीके से नियमों की अव्हेलना करते हुए कराई गयी थीं।

सामान्य अभ्यर्थी को दिया आरक्षित श्रेणी का लाभ :

जानकारी के अनुसार, उन तीन नियुक्तियों में से एक महिला अभ्यर्थी सामान्य वर्ग से है, जबकि उसे उसके पति की आरक्षित श्रेणी का लाभ देकर नियुक्त कर दिया गया, जो कि कोर्ट द्वारा दिये गये निर्देश पर अवमानना का मामला बनता है।

क्या अभ्यर्थियों के कागजातों का निरीक्षण नहीं किया गया :

नियुक्त करते समय प्रतीत होता है कि, अभ्यर्थियों के आवश्यक कागजातों को जाँचा नहीं गया या फिर जानबूझकर नजर अंदाज किया गया। अन्यथा सामान्य वर्ग की अभ्यर्थी को आरक्षित श्रेणी का लाभ कैसे दिया जा सकता था ? इसी तरह अन्य आवेदकों के भी सर्टिफिकेट नियमानुसार वैरीफाई कराना चाहिए था।

ठेके पर दिया काम :

उक्त आँपरेटरों को अस्पताल में भर्ती या दिखाने आने वाले मरीजों की पर्ची बनाने हेतु नियुक्त किया गया था, परंतु अब यह कार्य अस्पताल में ठेके पर दिया जा चुका है। अतः उनकी नियुक्ति उद्देश्य समाप्त हो गया है।

पूर्व में शिकायत पर भी नहीं हुई कोई कार्रवाई :

इन नियम विरुद्ध नियुक्तियों को लेकर पूर्व में उच्चाधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, परंतु आज तक कोई कार्रवाई या जाँच नहीं की गयी। इससे अपात्र लोगों को अनुचित लाभ मिलता रहा है।

अब नियमित करने का खेल जारी :

जानकारी प्राप्त हुई है कि, अव इन अपात्र कम्प्यूटर आँपरेटरों को नियमित करने का खेल खेला जा रहा है। इस संवंध मे कलेक्टर कार्यालय के प्रस्ताव पर सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा जानकारी उपलब्ध करा दी गई है।

सीनियर को नहीं दिया जा रहा नियमितीकरण का लाभ

जव जानकारी प्राप्त की गयी तो सामने आया कि इनसे वरिष्ठ भी नौकरी कर रहे हैं परंतु आवश्यकता होने पर उन्हें नियमित न कराकर जूनियरों को नियमित कराया जा रहा है।