4 हजार क्विंटल धान खरीदी घोटाले में नोडल अफसरों पर कार्यवाही क्यों नहीं
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4 हजार क्विंटल धान खरीदी घोटाले में नोडल अफसरों पर कार्यवाही क्यों नहीं

शहडोल, मध्य प्रदेश : धान घोटाले मामले के अन्य जिम्मेदार नोडल अफसरों पर अब तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई है, यह एक बड़ा सवाल है। जितना लैम्पस प्रबंधक दोषी है, उतना ही नोडल अधिकारी दोषी हैं।

शहडोल, मध्य प्रदेश। बुढ़ार ब्लाक के अंतर्गत चन्नौड़ी लैम्पस में 4 हजार क्विंटल धान खरीदी घोटाले मामले में लैम्पस प्रबंधक कमलेश श्रीवास्तव को कलेक्टर के आदेश से निलंबित तो कर दिया गया, परन्तु इस मामले के अन्य जिम्मेदार नोडल अफसरों पर अब तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई है, यह एक बड़ा सवाल है। जितना लैम्पस प्रबंधक दोषी हैं, उतना ही नोडल अधिकारी दोषी हैं।

क्या है मामला :

सूत्रों के मुताबिक चन्नौड़ी लैम्पस में चार हजार क्विंटल धान खरीदी का हिसाब कम्प्यूटर में दर्ज तो किया गया है, परन्तु धान नहीं है, ट्रक आकर खड़े हो गये हैं, पर माल नदारद है, दरअसल मामला यह है कि लैम्पस प्रबंधक ने किसानों के नाम पर व्यापारियों से धान खरीदी का सौदा कर लिया था और किसानों से लेन-देन की बात करके कम्प्यूटर में धान खरीदी दर्ज कर ली, किन्तु व्यापारी पेमेंट की मांग पहले करने लगे, क्योंकि पेमेंट किसानों के खाते में जाता है, 40 लाख रूपये का भुगतान होना था, इसलिए प्रबंधक व्यापारियों को एडवांस पेमेंट नहीं कर सका। इसलिए व्यापारियों ने धान नहीं भेजा और प्रबंधक फंस गया, लेकिन प्रबंधक के अलावा नोडल अधिकारियों की भी इस मामले में पूरी मिली भगत दिखाई दे रही है।

लैम्पस प्रबंधक हो गया बीमार :

खबर है कि निलंबन आदेश के बाद लैम्पस प्रबंधक कमलेश श्रीवास्तव गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हो गया था और उसकी हालत नाजुक है। बताया गया है कि उसकी दो बार हार्ट की सर्जरी हो चुकी है, यह भी जानकारी है कि अनियमितता के मामले में लैम्पस प्रबंधक पहले भी निलंबित हो चुका है।

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