इलाज के दौरान महिला की मौत, डॉक्टर पर लगाया गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : पेनेसिया हॉस्पिटल संचालक पर परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप। परिजन बोले- गलत इंजेक्शन से हुई है मौत, डॉक्टर-कार्डियक अरेस्ट से गई है जान।
इलाज के दौरान महिला की मौत, डॉक्टर पर लगाया गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप
पेनेसिया हॉस्पिटल में इलाज के दौरान महिला की मौतSocial Media

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। फेफड़ों में संक्रमण होने का इलाज कराने पहुंची महिला की निजी अस्पताल में बुधवार-गुरूवार की देर रात मौत हो गई। महिला की मौत पर परिजनों ने उपचार कर रहे डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्वालियर पुलिस ने हंगामा कर रहे परिजनों को शांत कराने के बाद शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए डैड हाउस भेज दिया।

अवाड़पुरा कम्पू निवासी संगीता अग्रवाल को डायबिटिक की समस्या थी। इस पर उनके पति रामदास अग्रवाल (रामू) उन्हें उपचार के लिए डॉ.हेमंत गुप्ता के पास लेकर पहुंचे। डॉ. गुप्ता ने कोविड के लक्षण बताते हुए कोविड-19 की जांच कराने के लिए कहा। संगीता की जांच रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आई। लेकिन संगीता की हालत बिगड़ती जा रही थी। इस पर डॉ. हेमंत गुप्ता ने संगीता को तानसेन नगर स्थित पेनेसिया हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी। साथ ही कहा कि वहां आपके ज्यादा पैसे खर्च नहीं होंगे। चिकित्सक की बातों में आकर रामदास अग्रवाल 11 अक्टूबर को अपनी पत्नी को लेकर पेनेसिया हॉस्पिटल पहुंचे। जैसा कि संगीता अग्रवाल के पति रामदास अग्रवाल ने बताया कि पेनेसिया हॉस्पिटल में विजिट पर आने वाले डॉ. रोहित प्रताप सिंह तोमर ने संगीता का सीटी कराया। इसमें उन्होंने फेफड़ों में इन्फेक्शन और डायबिटीज बढ़ी हुई बताई। डॉ. तोमर ने संगीता को ब्लड पतला करने और इंसुलिन के इंजेक्शन संगीता को लगाना शुरू कर दिया। बुधवार की रात 10 बजे डॉक्टर ने संगीता की डायबिटीज चैक की तो वह 138 आई। इंजेक्शन लगने से पहले संगीता अच्छे से बात कर रही थी। रामदास अग्रवाल ने बताया कि डायबिटीज 138 आने पर भी उन्होंने इंसुलिन का इंजेक्शन और ब्लड पतला करने का इंजेक्शन संगीता को लगा दिया। इंजेक्शन लगाने के करीब 10 मिनट बाद ही संगीता ने दम तोड़ दिया। जैसे ही संगीता के मृत होने की जानकारी उनके परिजनों को लगी तो उन्होंने हॉस्पिटल में हंगमा मचाना शुरू कर दिया। रामदास अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने संगीता के उपचार के लिए कर्ज लिया था।

घटना की जानकारी जैसे ही पुलिस और प्रशासन के अफसरों को लगी तो वह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने हंगामा कर रहे परिजनों को काफी देर तक समझाया, उसके बाद परिजन शांत हुए और बॉडी का पोस्टमार्टम के लिए रवाना हो गए।

कार्डियक अरेस्ट से हुई है मौत :

पेनेसिया हॉस्पिटल के प्रबंधक जीत शर्मा का कहना है कि मृतक संगीता अग्रवाल को डायबिटिक समस्या थी। वैसे वह नॉमर्ल थीं, खाना खाने के बाद उनकी सुगर बढ़ गई जो 238 हो गई। इसके बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया और मौत हो गई। इसके बाद परिजन हंगाम करने लगे, जिन्हें प्रशासन ने शांत कराया और तब जाकर वह बॉडी लेकर रवाना हुए। हॉस्पिटल में मृतका के परिजनों ने सिर्फ 10 हजार रूपए जमा किए हैं।

इनका कहना है :

मुझे मामले की जानकारी नहीं मिली है। यदि डॉक्टर की लापरवाही से महिला की मौत हुई है। तो इसकी जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ

मेरे पास इलाज के लिए पैसे तक नहीं थे। डॉ. हेमंत गुप्ता ने कहा तुम्हारा कम पैसों में काम हो जाएगा। उसके बाद मैंने कर्ज लिया और उपचार कराने पहुंच। हॉस्पिटल में मेरे से 90 हजार रूपये जमा करा लिए और मेरी पत्नी की जान ले ली।

रामदास अग्रवाल (रामू), मृतका के पति

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