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राम मन्दिर-बाबरी मस्जिद मसले पर चल रही सुनवाई आज समाप्त हो गई।
राम मन्दिर-बाबरी मस्जिद मसले पर चल रही सुनवाई आज समाप्त हो गई।|सर्वोच्च न्यायालय, भारत
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राम मन्दिर-बाबरी मस्जिद सुनवाई समाप्त, एक महीने बाद आएगा फैसला

16 अक्टूबर 2019 को राम मन्दिर-बाबरी मस्जिद ज़मीन विवाद की सुनवाई समाप्त हो गई। सर्वोच्च अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है, ये एक महीने बाद आएगा। इस बीच #राममंदिर_निर्माण ट्विटर पर ट्रेंड हो रहा है।

प्रज्ञा

प्रज्ञा

राज एक्सप्रेस। अयोध्या में राम मन्दिर था या बाबरी मस्जिद? हम सब शायद इस ही सवाल के साथ बड़े हुए हैं लेकिन जवाब अब तक किसी के पास नहीं है पर लगता है कि अब इसका एक ठोस जवाब मिलने वाला है।

सर्वोच्च न्यायालय में चल रही राम मन्दिर-बाबरी मस्जिद ज़मीन विवाद की सुनवाई आज 40वें दिन समाप्त हो गई। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सुबह कहा था कि, 'आज शाम पांच बजे तक पूरी होगी मामले की सुनवाई।'

सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने हिन्दू महासभा के वकील विकास सिंह की ओर से पेश किए गए नक्शे को फाड़ दिया। समाचार एजेंसी एएनआई ने ट्वीट कर जानकारी दी कि, अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के वकील द्वारा दिए गए तर्क के बाद मुख्य न्यायाधीश ने कहा, 'अगर इस तरह के तर्क दिए जाने हैं तो हमें उठकर अदालत से बाहर चले जाना चाहिए।'

जिसके बाद हिन्दू महासभा के वकील ने कहा कि, अदालत का लिहाज़ रखते हुए, मैंने अदालत की कार्यवाही को भंग नहीं किया है।

मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले में कोई भी हस्तक्षेप आवेदन स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने मामले में एक पक्ष हिंदू माया सभा के हस्तक्षेप के आवेदन को खारिज करते हुए ये कहा था कि, 'यह मामला आज शाम 5 बजे तक खत्म हो जाएगा। अब बहुत हो गया है।'

आज कार्यवाही का 40वां और आखिरी दिन था। बार एंड बेंच ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी।

मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने कहा था कि रामलला के वकील वैद्यनाथन बुधवार को 45 मिनट और बहस करेंगे। इस पर मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन एक घंटे जवाब देंगे। उसके बाद दोनों पक्षों को अपनी दलील पर बोलने के लिए 45- 45 मिनट दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट मोल्डिंग ऑफ रिलीफ़ पर आज बहस कर सकता है।

इस बीच सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड द्वारा अयोध्या मामले में अपनी याचिका वापस लेने की जानकारी भी सामने आई। बोर्ड ने मध्यस्थता पैनल को चिट्ठी लिखी है। हालांकि, बाद में इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले।

अदालत की कार्यवाही के मध्य सोशल मीडिया पर इस मामले पर काफी बहस चली। ट्विटर पर #राममंदिर_निर्माण और #AyodhyaHearing ट्रेंड कर रहे थे। खबर प्रकाशित होने तक #राममंदिर_निर्माण के साथ 85 हज़ार ट्वीट्स हो चुके थे तो वहीं #AyodhyaHearing पर पांच हज़ार से ज़्यादा।