CM मनोहर लाल खट्टर का बड़ा ऐलान- सभी सरकारी अधिकारी पहनेंगे स्मार्टवॉच
CM मनोहर लाल खट्टर का बड़ा ऐलान- सभी सरकारी अधिकारी पहनेंगे स्मार्टवॉचSocial Media

CM मनोहर लाल खट्टर का बड़ा ऐलान- सभी सरकारी अधिकारी पहनेंगे स्मार्टवॉच

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार अपने अधिकारियों को 'स्मार्ट' बनाने जा रही है, अब राज्य के सभी अधिकारी स्मार्ट घड़ी पहनेंगे...

हरियाण, भारत। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुग्राम जिले के सोहना के सरमथला गांव में विकास रैली को संबोधित करते हुए राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। अब हरियाणा की खट्टर सरकार अपने अधिकारियों को 'स्मार्ट' बनाने जा रही है।

राज्‍य के सभी सरकारी अधिकारी पहनेंगे स्मार्टवॉच :

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, "राज्य के सभी सरकारी अधिकारी स्मार्टवॉच पहनेंगे जो कार्यालय समय के दौरान उनकी गतिविधियों को ट्रैक करेंगे और साथ ही उपस्थिति को चिह्नित करने के लिए एक उपकरण के रूप में काम करेंगे।"

राज्य के सभी अधिकारी स्मार्ट घड़ी पहनेंगे, ताकि ऑफिस टाइम में उनकी निगरानी की जा सके कि वो कहां पर हैं? और कितने बजे आ-जा रहे हैं।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर

बता दें कि, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुग्राम जिले के सोहना विधानसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करने के अलावा जिले को 125 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की भी सौगात दी है। उन्होंने तावडू और सोहना के लिए लघु सचिवालय का शिलान्यास किया। इस परियोजना पर लगभग 16 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी, उन्होंने तावडू में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और आवासीय भवन का भी उद्घाटन किया जिस पर 5.52 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

तो वहीं, CM मनोहर लाल खट्टर ने फॉरेस्ट लैंड से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा- वन अधिनियम के तहत अधिसूचित क्षेत्र और पीएलपीए (पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम) के तहत अधिसूचित भूमि दोनों अलग-अलग हैं लेकिन कुछ गलतियों के कारण दोनों भूमि को एक मान लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस पैमाने से हरियाणा का 40% क्षेत्र पीएलपीए के अंतर्गत आता है, इसलिए राज्य सरकार ने 2018 के कांत एन्क्लेव मामले में सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट सौंपा है। पीएलपीए मिट्टी के क्षरण को बचाने और बहाल करने के उद्देश्य से था, और केवल एक सीमित अवधि के लिए लागू था। जैसा फॉरेस्ट लैंड को परिभाषित किया गया है, उसी पर अगर अमल किया जाता है, तब तो गुरुग्राम और फरीदाबाद में कई इमारतों को गिराना होगा।

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