शारदा घाट पर CM पुष्‍कर सिंह धामी
शारदा घाट पर CM पुष्‍कर सिंह धामीSocial Media

टनकपुर स्थित शारदा घाट पर CM पुष्‍कर सिंह धामी ने बाढ़ नियंत्रण कार्यों का किया निरीक्षण

उत्तराखण्ड के CM पुष्‍कर धामी ने टनकपुर स्थित शारदा घाट पहुंचकर सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे बाढ़ नियंत्रण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही 'जन संवाद' कार्यक्रम में जनता की समस्याएं सुनी।

उत्तराखण्ड, भारत। उत्तराखण्ड के मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी आज शुक्रवार को टनकपुर पहुंचे, यहां वे इन कार्यक्रमों में शामिल हुए। आज उन्‍होंने टनकपुर स्थित शारदा घाट पहुंचकर सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे बाढ़ नियंत्रण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया।

CM धामी ने की शारदा घाट में पूजा-अर्चना :

इसके अलावा इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री धामी ने शारदा घाट में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत आदि शक्ति मंदिर के समीप घाट निर्माण कार्य एवं घस्यारा मंडी के समीप निर्माणाधीन तटबंध सहित विभिन्न विकास कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की एवं सम्बंधित अधिकारियों को तय समय सीमा पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

CM धामी का 'जन संवाद' कार्यक्रम :

तो वहीं, टनकपुर स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में 'मुख्य सेवक आपके द्वार' के अंतर्गत 'जन संवाद' कार्यक्रम में भी CM पुष्‍कर सिंह धामी ने प्रतिभाग कर जनता की समस्याएं सुनी व अधिकारियों को समस्याओं के तत्काल निस्तारण हेतु निर्देशित किया और कहा कि, ''जो समस्या जिला स्तर पर हल हो सकती है उनका समाधान निर्धारित समय पर होना चाहिए और वह समस्या अनावश्यक शासन या उनके स्तर पर नहीं आनी चाहिए। माँ पूर्णागिरि धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालु हमारे चंपावत, लोहाघाट व पिथौरागढ़ के साथ ही अन्य जिलों में घूमें, इसके लिए हम मंदिर माला मिशन के अंतर्गत पौराणिक मंदिरों एवं स्थानों को जोड़कर एक सर्किट के रूप में विकसित कर रहे हैं।''

तो वहीं, इससे पहले CM पुष्‍कर सिंह धामी ने टनकपुर में सूर्योदय सेवा समिति द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) एवं योग संगोष्ठी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया था और इस अवसर पर उन्होंने पुरातन व प्राकृतिक मड थेरेपी को बढ़ावा देते हुए मड बाथ (गीली मिट्टी से स्नान) भी किया। साथ ही राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, ''उत्तराखण्ड की भूमि प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अध्यापकों एवं छात्र-छात्रों को सम्मानित भी किया।''

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