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Cobbler's Story
Cobbler's Story |Syed Dabeer Hussain - RE
भारत

कैसे बना 10वी फेल मोची न केवल एक सफल पत्रकार बल्कि सांपादक भी

कैसे एक मोची बना एक सफल पत्रकार और संपादक। आइये जाने भोपाल में स्थित प्रोफेसर कॉलोनी के एक जूते-चप्पल सही करने वाले की मोची से एक सफल पत्रकार बनने तक की अविश्वसनीय सच्ची कहानी।

Vivvan Tiwari

राज एक्सप्रेस। आज हम एक ऐसे व्यक्ति की कहानी पर बात करेंगे, जिसको सुनकर आपको आर्श्चय होगा शायद आप भरोसा भी न कर सके परन्तु यह एक सच्ची कहानी है। यह कहानी एक जूते सिलने वाले व्यक्ति की। जो, एक सफल सांपादक है और उसकी प्रति माह 3000 से ज्यादा प्रतियां बिकती है। उसके बाद भी वे एक मोची है।

भोपाल की सच्ची कहानी :

यह कहानी भोपाल में स्थित प्रोफेसर कॉलोनी के एक जूते-चप्पल सही करने वाले सुरेश नांदमेहर नाम के एक मोची की। जो पेशे से तो एक मोची है, लेकिन उन्हें पत्रकारिता का शौक है। आपको सुन कर काफी अजीब लगा होगा, लेकिन अपने इसी शौक के चलते सुरेश नांदमेहर आज एक मोची का काम करते हुए भी न केवल एक पत्रकार है बल्कि एक सांपादक भी हैं। यह सुन कर आपके मन में यह ख्याल आया होगा कि, उन्होंने इसके लिए मोची का काम करते हुए पत्रकारिता की पढ़ाई की होगी। परन्तु ऐसा कुछ नहीं है। आपको बताते चले कि, सुरेश नांदमेहर 10वी पास नहीं है, पत्रकारिता की पढ़ाई करना तो बहुत दूर की बात है। आपके मन में अब यह ख्याल आ रहा होगा कि, एक मोची एक सफल पत्रकार बना कैसे ?