डिफेंस में FDI 74% बढ़ा: सरकार के इस फैसले का विपक्ष कर रहा विरोध
डिफेंस में FDI 74% बढ़ा: सरकार के इस फैसले का विपक्ष कर रहा विरोध|Priyanka Sahu -RE
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डिफेंस में FDI 74% बढ़ा: सरकार के इस फैसले का विपक्ष कर रहा विरोध

सरकार के FDI बढ़ाने के फैसले को लेकर विरोध हो रहा है, इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है और पूछा- यही है आत्मनिर्भर होने की परिभाषा!

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। कोरोना वायरस के संकट काल के बीच राजनीति भी तूल पकड़ी हुई है। विपक्ष किसी न किसी मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोल रहा है। बीते दिन जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा डिफेंस सेक्‍टर को लेकर कई अहम घोषणाएं की गईं, जिसके बाद से सरकार के इस फैसले का विपक्ष विरोध कर रहा है, जाने सरकार ने क्‍या फैसला लिया और विपक्ष नेताओं में किसने क्‍या कहा?

FDI पर सरकार ने लिए ये बड़ा फैसला :

दरअसल, सरकार ने रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश यानी FDI की सीमा 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दी है, जिससे अब विदेशी कंपनियां डिफेंस मैन्‍युफैक्‍चरिंग में अपनी हिस्‍सेदारी बढ़ा सकेंगी। इसी को लेकर विपक्ष ने ट्वीट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया साझा कर इस फैसले का विरोध किया।

कांग्रेस का कहना :

इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी की ओर से साझा किए गए ट्वीट में लिखा गया है कि, आत्मनिर्भर की बात करने वाली सरकार ने रक्षा क्षेत्र में FDI बढ़ा दी, हम इसका विरोध करते हैं। इसका प्रस्ताव यूपीए के समय भी आया था। मगर सुरक्षा और सामरिक दृष्टिकोण से हमने इसे खारिज कर दिया था।

समाजवादी पार्टी का कहना :

इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया और ट्वीट में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, ''रक्षा उत्पादन जैसे अति संवेदनशील क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 74 फीसदी बढ़ाने का ऐलान देश की रक्षा के साथ सीधे-सीधे समझौता करना है। बीजेपी के अर्थशास्त्र के अनुसार क्या यही है आत्मनिर्भर होने की परिभाषा है।''

बता दें कि, वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल शनिवार को कहा था कि, सेना को आधुनिक हथियारों की जरूरत है। रक्षा उत्पाद में सरकार का लक्ष्य मेक इन इंडिया के जरिए आत्मनिर्भर होना है। डिफेंस सेकटर में स्वदेशी हथियारों के लिए अलग से बजट बनेगा, इससे डिफेंस में होने वाला इंपोर्ट घटेगा और घरेलू कंपनियों को फायदा होगा। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए आटोमैटिक रूट से FDI की लिमिट 49% से बढ़ाकर 74% की गई है।

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