प्रियंका की रिहाई की मांग को लेकर सीतापुर में PAS गेस्ट हाउस के बाहर विरोध प्रदर्शन
प्रियंका की रिहाई की मांग को लेकर सीतापुर में PAS गेस्ट हाउस के बाहर विरोध प्रदर्शनPriyanka Sahu -RE

प्रियंका की रिहाई की मांग को लेकर सीतापुर में PAS गेस्ट हाउस के बाहर विरोध प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में PSC गेस्ट हाउस में हिरासत में प्रियंका गांधी वाड्रा की रिहाई का कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

दिल्‍ली, भारत। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को कल लखीमपुर खीरी जाने पर सीतापुर के हरगांव से UP पुलिस ने हिरासत में लिया था और अभी तक उनकी रिहाई नहीं हुई, जिसको लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

सीतापुर में PSC गेस्ट हाउस के बाहर विरोध प्रदर्शन :

दरअसल, कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तर प्रदेश के सीतापुर में PSC गेस्ट हाउस में हिरासत में हैं। इस बीच PSC गेस्ट हाउस के बाहर ही कांग्रेस कार्यकर्ता प्रियंका गांधी वाड्रा की रिहाई का विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि, ''हम तब तक नहीं हटेंगे जब तक उन्हें रिहा नहीं कर दिया जाता।''

सड़क पर झाड़ू लगाकर विरोध जताया :

इतना ही नहीं बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज सुबह-सुबह प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में सीतापुर की सड़कों पर झाड़ू लगाकर भी विरोध जताया।

बग़ैर किसी ऑर्डर और FIR के हिरासत में रखा :

तो वहीं, कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट साझा करते हुए लिखा- नरेंद्र मोदी जी आपकी सरकार ने बग़ैर किसी ऑर्डर और FIR के मुझे पिछले 28 घंटे से हिरासत में रखा है। अन्नदाता को कुचल देने वाला ये व्यक्ति अब तक गिरफ़्तार नहीं हुआ। क्यों?

बता दें कि, उत्‍तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर कल काफी सियासी सरगर्मी तेज थी। तो वहीं, लखीमपुर खीरी में धारा 144 भी लागू कर दी गई थी। ऐसे में विपक्ष के नेता लखीमपुर खीरी मेंं पीड़ितों से मिलने जा रहे थे, तो उन्‍हें रोक दिया जा रहा था। इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा का काफिला भी पुलिस को चकमा देकर लखीमपुर खीरी के लिए निकला था, लेकिन UP पुलिस ने उन्‍हें सीतापुर के हरगांव से हिरासत में ले लिया था। तो वहीं, लखीमपुर घटना को लेकर लखीमपुर प्रशासन और किसानों की बैठक में इस मामले की न्यायिक जांच किए जाने के साथ ही किसानों के परिवार को मुआवजा व सरकारी नौकरी दिए जाने पर समझौता हुआ था।

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