सत्येंद्र जैन की जल्‍द हो सकती है रिहाई
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सत्येंद्र जैन की जल्‍द हो सकती है रिहाई! कोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसला रखा सुरक्षित

दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर दिल्ली की एक अदालत ने सुनावई कर जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा, 16 नवंबर को आ सकता है फैसला।

दिल्‍ली, भारत। मनी लॉन्ड्रिंग केस के आरोपों में घिरे दिल्‍ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन न्यायिक हिरासत में है, ऐसे में उनकी जमानत को लेकर अभी तक सुनवाई का सिलसिला जारी था, लेकिन अब दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन की जमानत पर सुनवाई पूरी हो गई है और कोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, ऐसे में जल्‍द ही सत्येंद्र जैन की रिहाई को लेकर फैसला आने की उम्‍मीद है।

कोर्ट 16 नवंबर को सुना सकता है फैसला :

दरअसल, दिल्ली की एक अदालत ने आज शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर सुनवाई की, इस दौरान फैसला सुरक्षित रखा गया है। अब आधिकारिक सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आ रही है कि, राउज एवेन्यू कोर्ट आगामी 16 नवंबर दोपहर 3 बजे के करीब फैसला सुना सकती है। हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय (ED) सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका का विरोध किया और जमानत न देने के पक्ष में अपना पक्ष रख रही है।

क्‍या है पूरा मामला :

बता दें कि, दिल्‍ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन 57 वर्षीय जैन को 30 मई को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की आपराधिक धाराओं के तहत कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED द्वारा गिरफ्तार किया गया था। तो वहीं, अप्रैल के महीने में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सत्‍येंद्र जैन के परिवार और कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क की थीं, जिसमें अकिंचन डेवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडो मेटल इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य कंपनियों की संपत्तियां शामिल थीं।

दअरसल, दिल्‍ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर यह कथित आरोप हैं कि, ''उन्होंने दिल्ली में कई शेल कंपनियों को लॉन्च किया या खरीदा, कोलकाता के तीन हवाला ऑपरेटरों की 54 शेल कंपनियों के माध्यम से 16.39 करोड़ रुपये के काले धन को भी सफेद किया था। उनके पास प्रयास, इंडो और अकिंचन नाम की कंपनियों में बड़ी संख्या में शेयर थे।''

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