लोकसभा में 3 क्रिमिनल लॉ बिल पर चर्चा
लोकसभा में 3 क्रिमिनल लॉ बिल पर चर्चा Raj Express

लोकसभा में 3 क्रिमिनल लॉ बिल पर चर्चा, अमित शाह बोले- सरकार अंग्रेजों के जमाने के कानूनों में कर रही बदलाव

लोकसभा में अमित शाह ने कहा- पुराने 3 कानून, जिनसे हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली चलती है, उनमें पहली बार मोदी के नेतृत्व में भारतीय संविधान और भारत की जनता की चिंता करने वाले परिवर्तन लेकर मैं आया हूं।

हाइलाइट्स :

  • गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीन क्रिमिनल लॉ बिल पेश किए

  • जिनसे हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली चलती है, उनमें परिवर्तन: अमित शाह

  • नए भारत में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 आया

दिल्‍ली, भारत। लोकसभा में आज बुधवार को तीन क्रिमिनल लॉ बिल पर चर्चा हो रही है। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने बिल को पेश किया और अपना जवाब दिया।

लोकसभा में अमित शाह ने कहा- इस ऐतिहासिक सदन में मोदी सरकार अंग्रेजों के जमाने के कानूनों में बदलाव कर रही है, करीब 150 साल पुराने तीन कानून, जिनसे हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली चलती है, उन तीनों कानूनों में पहली बार मोदी जी के नेतृत्व में भारतीयता, भारतीय संविधान और भारत की जनता की चिंता करने वाले बहुत आमूल-चूल परिवर्तन लेकर मैं आया हूं।

  1. Indian Penal Code जो 1860 में बना था, उसका उद्देश्य न्याय देना नहीं बल्कि दंड देना ही था। उसकी जगह भारतीय न्याय संहिता 2023 इस सदन की मान्यता के बाद पूरे देश में अमल में आएगी।

  2. CrPc की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 इस सदन के अनुमोदन के बाद अमल में आएगी।

  3. Indian Evidence Act 1872 की जगह भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 अमल में आएगा।

आगे उन्‍हाेंने कहा कि, आतंकवाद की व्याख्या अब तक किसी भी कानून में नहीं थी। पहली बार अब मोदी सरकार आतंकवाद को व्याख्यायित करने जा रही है। जिससे इसकी कमी का कोई फायदा न उठा पाए। तत्कालीन कानून विदेशी शासकों द्वारा अपना वर्चस्व बनाए रखने में मदद के लिए बनाए गए थे। नए कानून हमारे संविधान के मूल मूल्यों- व्यक्तिगत स्वतंत्रता, मानवाधिकार और सभी के लिए समान व्यवहार को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।

मॉब लिंचिंग घृणित अपराध है और हम इस कानून में मॉब लिंचिंग अपराध के लिए फांसी की सजा का प्रावधान कर रहे हैं। लेकिन मैं विपक्ष से पूछना चाहता हूं कि, आपने भी वर्षों देश में शासन किया है, आपने मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून क्यों नहीं बनाया? आपने मॉब लिंचिंग शब्द का इस्तेमाल सिर्फ हमें गाली देने के लिए किया, लेकिन सत्ता में रहे तो कानून बनाना भूल गए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

  • भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (CRPC) में पहले 484 धाराएं थीं, अब 531 होंगी, 177 धाराओं में बदलाव हुआ है। 9 नई धाराएं जोड़ी गई हैं, 39 नए सब सेक्शन जोड़े गए हैं, 44 नए प्रोविजन और स्पष्टीकरण जोड़े गए हैं, 35 सेक्शन में टाइम लाइन जोड़ी हैं और 14 धाराओं को हटा दिया गया है। पहली बार आपराधिक न्याय प्रणाली में 'आतंकवाद' को परिभाषित किया जाने वाला है। हमने राजद्रोह की परिभाषा को 'राजद्रोह' (सरकार के खिलाफ) से बदलकर 'देशद्रोह' (राष्ट्र के खिलाफ) कर दिया है।

  • एक लंबे अर्से बाद, 2014 और 2019 में... दो बार इस देश की जनता ने ऐसी सरकार चुनी, जिस सरकार ने अपने पूरे घोषणापत्र को अक्षरशः लागू किया है।

  • हमने कहा था, धारा 370 हटा देंगे... हटा दिया। हमने वादा किया था, आतंकवाद को समाप्त कर देंगे, जीरो टॉलरेंस की नीति बनाएंगे और सुरक्षा कर्मियों को फ्री हैंड देंगे... हमने दिया। इस कारण से जम्मू कश्मीर, वामपंथी उग्रवादी क्षेत्र और उत्तर-पूर्व में हिंसक घटनाओं में 63 प्रतिशत की कमी आई है और मृत्यु में 72 प्रतिशत की कमी आई है और पूर्वोत्तर के 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रों से अफस्पा को हटा लिया है।

  • हमने कहा था, अयोध्या में राम मंदिर बनाएंगे और 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। ये मोदी की सरकार है, जो कहती है करती है।

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