नई दिल्ली में जेपी नड्डा ने सुशासन महोत्सव 2024 का उद्घाटन किया
नई दिल्ली में जेपी नड्डा ने सुशासन महोत्सव 2024 का उद्घाटन कियाRaj Express

नई दिल्ली में जेपी नड्डा ने सुशासन महोत्सव 2024 का उद्घाटन किया

नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 'सुशासन महोत्सव 2024' का उद्घाटन के दौरान कहा, गुड गवर्नेंस कोई स्लोगन नहीं है, गुड गवर्नेंस मैजिक वैंड नहीं है। गुड गवर्नेंस एक स्पिरिट है।

हाइलाइट्स :

  • नई दिल्ली में 'सुशासन महोत्सव 2024' का उद्घाटन

  • गुड गवर्नेंस एक स्पिरिट है: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा

  • जेपी नड्डा ने कहा, देश में शांतिपूर्ण तरीके से नीतियों में बदलाव हुए

दिल्ली, भारत। नई दिल्ली में आज शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 'सुशासन महोत्सव 2024' का उद्घाटन किया एवं कार्यक्रम को संबोधित किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, गुड गवर्नेंस कोई स्लोगन नहीं है, गुड गवर्नेंस मैजिक वैंड नहीं है। गुड गवर्नेंस एक स्पिरिट है। सुशासन एक प्रतिबद्धता है, सबसे पहले, नीति-निर्माताओं और हितधारकों को सुशासन के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध होने की आवश्यकता है। दूसरे, हमें इसे अपने जीवन में धारण करना चाहिए और संतुष्ट रहना चाहिए।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा,''लोगों ने लंबे समय तक सरकारें चलाईं, सबका वोट लिया, सबके लिए घोषणा पत्र तैयार किया। लेकिन सत्ता में आने के बाद वे सरकारें किसी जाति प्रधान व वर्ग विशेष की सरकार बन गईं। वोट बैंक की राजनीति का शिकार हो गईं। गुड गवर्नेंस की बातें करते-करते वे सरकारें बैड गवर्नेंस में बदल गईं।''

पहले इस देश में एलोपैथी व आयुर्वेद का झगड़ा चल रहा था। आज यहां एलोपैथी भी है, आयुर्वेद भी है, योगा भी है और यूनानी भी है। एक हेल्थ सेंटर में आपको योगा भी मिल रहा है तो दूसरे हेल्थ सेंटर में आपको इंजेक्शन लगाने वाला डॉक्टर भी मिल रहा है। ये आज से पहले कभी नहीं हुआ था। लेकिन ये holistic health कवरेज है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा

  • पहले लोग हम पर हंसते थे कि ये जनधन खाता खुलवा रहे हैं। अब आपने कभी जन का धन समझा ही नहीं... सब कुछ खुद का ही धन समझा है तो आपको कहां पता चलेगा कि जन का धन भी होता है।

  • देश में शांतिपूर्ण तरीके से नीतियों में बदलाव हुए, इसका सबसे पहला कारण नीति निर्धारण में जनभागीदारी है। चूँकि वे हितधारक हैं, उन्हें शामिल करने की आवश्यकता है।

  • दूसरे, भागीदारी पारदर्शी होनी चाहिए. वितरण और सुझाव भी पारदर्शी होने चाहिए। तीसरा, इसकी जवाबदेही होनी चाहिए. अंत में, डिलीवरी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए और लीकेज को बंद किया जाना चाहिए।

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