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दिल्ली की राजनीति सियासत में डेंगू का डंका
दिल्ली की राजनीति सियासत में डेंगू का डंका |Priyanka Sahu- RE
भारत

दिल्ली की राजनीति सियासत में बज रहा डेंगू का डंका

नई दिल्ली: इस बार डेंगू, चिकनगुनियां के मामले कम हुए हैं, लेकिन इस पर दिल्ली में राजनीति जरूर हो गई है, इसलिए यह कहना अनुचित नहीं होगा कि, मरीजों से ज्यादा दिल्ली सियासत में डेंगू का डंका बज रहा है।

Priyanka Sahu

Sushil Dev

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। दिल्ली में इस बार डेंगू- चिकनगुनियां के मामले थोड़े कम हुए हैं, लेकिन इस पर दिल्ली में राजनीति ज्यादा जरूर हो गई है। दिल्ली नगर निगम में भाजपा सत्ता पक्ष में बैठी है तो दिल्ली प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार है। डेंगू-चिकनगुनियां से पिछले साल दिल्ली में बड़ी परेशानी हुई थी। अस्पतालों में मरीजों के लिए जगह तो कहीं-कहीं दवा भी कम पड़ने लगी थी। मगर इस बार कुदरत ने मौसम का मिजाज बदला तो इन बीमारियों से थोड़ी राहत है।

80 फीसदी कम करने का दावा :

दिल्ली सरकार दावा कर रही है कि, डेंगू और चिकनगुनियां के खिलाफ अस्पतालों और दवाओं को नियमित करके एवं लोगों में जागरूकता लाकर इसके 80 फीसदी मामले को कम कर दिया है। इस बात को कहने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में विज्ञापन पर कौड़ियों के भाव पैसे बहा रही है। सड़क, मकान-दुकान, रेल-बस और मेट्रो ट्रेनों के अलावा अन्य स्थानों पर बैनर, पोस्टर और होर्डिंग्स पाट दिए हैं। टीवी और अखबार में जमकर विज्ञापन चलाए जा रहे हैं। यह दावा किया जा रहा है कि, डेंगू-चिकनगुनियां के पिछले साल के 15,867 की अपेक्षा इस बार महज 2,798 मामले ही दर्ज किए गए हैं।

एमसीडी में भाजपा भड़की :

केजरीवाल की इस दलील पर नगर निगम में सत्ता पक्ष के कई भाजपा पार्षद भड़क उठे हैं। भाजपा का दावा है कि, दिल्ली में डेंगू-चिकनगुनियां से निपटने के लिए जिले व वार्ड स्तर तक मजबूत व्यवस्था की गई है। भाजपा ने दावा किया है कि, इस प्रकोप के बारे में लोगों के बीच जाकर जागरूकता भी फैला रहे हैं और दवाओं का छिड़काव, धुंआ या साफ-सफाई के साथ उचित इलाज के प्रबंध आदि के लिए भी तत्पर हैं। मगर इन सबका श्रेय केजरीवाल बटोर रहे हैं। डीसीबी कर्मियों के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं, मगर विज्ञापन के लिए खूब हैं।

केजरीवाल की नौटंकी नहीं चलेगी :

वहीं कांग्रेस भी भाजपा के सुर में सुर मिला रही है। कांग्रेस का दावा है कि, दिल्ली में जितने भी विकास के कार्य हुए हैं, वह स्व. शीला दीक्षित के कार्यकाल में ही हुए हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार में तो विकास ठप्प पड़ गया है। चुनाव से पहले यह केजरीवाल की नौटंकी है, जो नहीं चलेगी।