अन्‍नदाताओं की समस्‍या का नहीं हुआ समाधान-वार्ता के लिए नई तारीख तय

दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान व सरकार की आज की मीटिंग भी नाकामयाब रही और अगले दौर की बातचीत की 15 को होगी। तो वहीं, किसान नेताओं से मुलाकात के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा...
अन्‍नदाताओं की समस्‍या का नहीं हुआ समाधान-वार्ता के लिए नई तारीख तय
किसान संगठनों और सरकार के बीच वार्ता के लिए नई तारीख तयTwitter

दिल्‍ली, भारत। अन्‍नदाताओं का कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ डेढ़ महीने से जारी गतिरोध खत्म करने के लिए किसान संगठनों और सरकार के बीच आज शुक्रवार को राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में 8वें दौर की वार्ता हुई, लेकिन इस बार की मीटिंग भी नाकामयाब रही और अगले दौर की बातचीत की नई तारीख तय हुई।

अब 15 को होगी सरकार और किसानों की बातचीत :

दरअसल, केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हुई और हर बार किसान आंदोजन की समस्‍या का हल निकलने की बजाय तारीख पर तारीख बदल रही है। अब अगले दौर की बातचीत के लिए 15 जनवरी की तारीख तय हुुई है। अब केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच अगले दौर की बातचीत 15 जनवरी को होगी।

किसान नेताओं से मुलाकात के बाद बोले कृषि मंत्री :

तो वहीं, किसान नेताओं से मुलाकात के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा- आज किसान यूनियन के साथ तीनों कृषि क़ानूनों पर चर्चा होती रही, परन्तु कोई समाधान नहीं निकला। सरकार की तरफ से कहा गया कि, क़ानूनों को वापिस लेने के अलावा कोई विकल्प दिया जाए, परन्तु कोई विकल्प नहीं मिला।

सरकार ने बार-बार कहा है कि किसान यूनियन अगर क़ानून वापिस लेने के अलावा कोई विकल्प देंगी तो हम बात करने को तैयार हैं। आंदोलन कर रहे लोगों का मानना है कि इन क़ानूनों को वापिस लिया जाए। परन्तु देश में बहुत से लोग इन क़ानूनों के पक्ष में हैं

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया- किसान यूनियन और सरकार दोनों ने 15 जनवरी को दोपहर 12 बजे बैठक का निर्णय लिया है। मुझे आशा है कि 15 जनवरी को कोई समाधान निकलेगा।

इसके अलावा सरकार के साथ मुलाकात के बाद किसान नेताओं नेे अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है।

सरकार ने हमें कहा कि कोर्ट में चलो। हम ये नहीं कह रहे कि ये नए कृषि क़ानून गैर-क़ानूनी है। हम इसके खिलाफ हैं। इन्हें सरकार वापिस ले। हम कोर्ट में नहीं जाएंगे। हम अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।

महासचिव, अखिल भारतीय किसान सभा

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा- तारीख पर तारीख चल रही है। बैठक में सभी किसान नेताओं ने एक आवाज़ में बिल रद्द करने की मांग की। हम चाहते हैं बिल वापस हो, सरकार चाहती है संशोधन हो। सरकार ने हमारी बात नहीं मानी तो हमने भी सरकार की बात नहीं मानी।

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