किसानों के प्रदर्शन को 6 महीने, नहीं सुन रही सरकार-अब उठाए काले झंडे
किसानों के प्रदर्शन को 6 महीने, नहीं सुन रही सरकार-अब उठाए काले झंडेPriyanka Sahu -RE

किसानों के प्रदर्शन को 6 महीने, नहीं सुन रही सरकार-अब उठाए काले झंडे

दिल्‍ली में कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते-करते किसानों को 6 महीने हो गए हैं, लेकिन फिर भी सरकार उनकी बात मानने को तैयार नहीं है, ऐसे में आज किसान संगठन 'काला दिवस' मना रहे है।

दिल्‍ली, भारत। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर अन्नदाताओं को आंदोलन करते-करते काफी समय हो गया है। इस दौरान इसका हल न निकलते हुए किसान आंदोलन लंबा खिंचता नजर आ रहा है। इसी बीच अब संयुक्त किसान मोर्चा आज 26 मई को नए कृषि कानूनों के खिलाफ 'काला दिवस' मना रहे हैं।

किसानों के विरोध प्रदर्शन को 6 महीने पूरे :

दिल्‍ली में कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते-करते किसानों को आज 26 मई को 6 महीने पूरे होने को हैं। इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर आज देशभर में किसान 'काला दिवस' मनाएंगे। कृषि कानूनों के खिलाफ टीकरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बॉर्डर पर काले झंडे लगाकर आज काला दिवस मना रहे हैं और इस दौरान आज बुधवार को किसानों ने सभी देशवासियों से समर्थन मांगते हुए अपने घर और वाहन पर काला झंडा लगाने और मोदी सरकार के पुतले जलाने की भी अपील की है।

राकेश टिकैत का कहना :

गाज़ीपुर बॉर्डर से भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा- आज हम काला दिवस मना रहे हैं, 6 महीने यहां पर हो गए हैं, लेकिन सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है, इसलिए हम काले झंडे हाथ में लिए हुए हैं। ये सब शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। हम कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। बाहर से कोई किसान यहां नहीं आएंगे।

बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था :

तो वहीं, कृषि कानूनों के विरोध में किसान द्वारा आज मनाए जा रहे काले दिवस के मद्देनजर दिल्ली पुलिस भी सतर्क हो गई है। दिल्ली के कई जगहों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। ग्रेटर कैलाश के SHO ने बताया- हम सभी गाड़ियों की जांच कर रहे हैं, चाहे वो परमिट गाड़ी भी हो, क्योंकि कहीं उस गाड़ी में कोई किसान न जा रहा हो।

साथ ही दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता चिन्मय बिस्वाल ने कहा, "हमने किसानों से अपील की है कि जिस तरह कोरोना में दुर्दशा हुई और लोगों की जान गई है, इसलिए कोई कार्यक्रम करने या भीड़ जुटने के कारण वो स्थिति फिर से पैदा न हो। प्रदर्शन करने या लोगों को इकट्ठा करने की इजाजत नहीं है।"

बता दें कि, किसानों के काला दिवस मनाने की बीच खास बात तो यह है कि, आज ही के दिन यानी 29 मई, 2014 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी।

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