कृषि कानून के खिलाफ किसान आंदोलन का 19वां दिन- भूख हड़ताल पर बैठे अन्नदाता
कृषि कानून के खिलाफ किसान आंदोलन का 19वां दिन- भूख हड़ताल पर बैठे अन्नदाताPriyanka Sahu -RE

कृषि कानून के खिलाफ किसान आंदोलन का 19वां दिन- भूख हड़ताल पर बैठे अन्नदाता

दिल्‍ली की बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन का 19वां दिन है, आज प्रदर्शनकारी किसान भूख हड़ताल पर बैठे है। सिंघु बॉर्डर से लेकर यूपी-दिल्ली सीमा के गाजीपुर तक किसान सुबह 8 से शाम 5 बजे तक उपवास पर बैठे हैं।

दिल्‍ली, भारत। देश में महामारी कोरोना संकटकाल के बीच बारिश की वजह से हवा में ठंडक का अहसास तेजी होने लगा है और ठिठुरन वाली ठंड में भी राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली की बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी है, जिसका आज 19वां दिन है। नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनकारी किसान भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर प्रदर्शन जारी

तो वहीं, दूसरी ओर सभी जिला मुख्यालयों पर आज धरना भी दिया जाएगा। सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ राजस्थान-हरियाणा की जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर भी किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने ये भी कहा है कि, "हम दिल्ली जा रहे थे हमें हरियाणा पुलिस ने रोका, किसान संगठन जब बुलाएंगे तो हम नाकों को तोड़ कर दिल्ली बॉर्डर पर जाएंगे। 500 ट्रैक्टर-ट्राली आ रहे हैं।"

सुबह 8 से 5 बजे तक उपवास पर बैठे किसान :

दिल्ली के सिंघु बॉर्डर से लेकर यूपी-दिल्ली सीमा के गाजीपुर तक किसान सुबह 8 से शाम 5 बजे तक उपवास पर बैठे हुए हैं। वहीं, टिकरी बॉर्डर पर बैठे पर आल इंडिया किसान सभा बालकरन सिंह बरार ने कहा कि, ''केंद्र सरकार जिद्द पर अड़ी हुई है। यह उपवास केंद्र को जगाने के लिए है।''

CM केजरीवाल बोले- उपवास पवित्र होता है :

दिल्ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आज किसान भाइयों के साथ उपवास रखने का समर्थन किया है। साथ ही अपने ट्वीट में लिखा- उपवास पवित्र होता है। आप जहां हैं, वहीं हमारे किसान भाइयों के लिए उपवास कीजिए। प्रभु से उनके संघर्ष की सफलता की प्रार्थना कीजिए। अंत में किसानों की अवश्य जीत होगी।

पंजाब के CM ने केजरीवाल के उपवास को बताया नौटंकी :

इसके अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने CM केजरीवाल के उपवास को नौटंकी बताया, इस पर CM केजरीवाल ने एक अन्‍य ट्वीट के जरिये रिप्लाई देते हुए कहा- कैप्टन जी, मैं शुरू से किसानों के साथ खड़ा हूँ। दिल्ली के स्टेडीयम जेल नहीं बनने दी, केंद्र से लड़ा। मैं किसानों का सेवादार बनके उनकी सेवा कर रहा हूँ आपने तो अपने बेटे के ED केस माफ़ करवाने के लिए केंद्र से सेटिंग कर ली, किसानों का आंदोलन बेच दिया? क्यों?

बता दें, प्रदर्शनकारी किसान कानून वापसी के अलावा किसी भी तरह के संशोधन के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। इसी को लेकर किसानों का प्रदर्शन तेज होता जा रहा है, वे सरकार से उनकी मांग पूरा करने के लिए अड़ें हुए हैं।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

Raj Express
www.rajexpress.co