दिल्ली में ध्वनि प्रदूषण करने पर वालों से वसूला जाएगा 1 लाख तक जुर्माना
दिल्ली में ध्वनि प्रदूषण करने पर वालों से वसूला जाएगा 1 लाख तक जुर्मानाSocial Media

दिल्ली में ध्वनि प्रदूषण करने पर वालों से वसूला जाएगा 1 लाख तक जुर्माना

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने ध्वनि प्रदूषण के नियमों के उल्लंघन के लिए दंड में संशोधन किया है। यानी अब दिल्ली में रात के दौरान ध्वनि प्रदूषण करना लोगों की जेब ढीली कर सकता है।

नई दिल्ली, भारत। पिछले कुछ सालों में देश की राजधानी दिल्ली प्रदूषण के चलते काफी चर्चा में बनी रही है। भारत के अन्य राज्यों के लोगों ने तो मास्क का इस्तेमाल अब कोरोना वायरस के चलते शुरू किया है, लेकिन दिल्ली वासी उससे पहले से ही मास्क का इस्तेमाल प्रदूषण के चलते कर रहे थे। वहीं, अब राजधानी दिल्ली एक बार फिर प्रदूषण के चलते चर्चा में है। हालांकि, इस बार यह ध्वनि प्रदूषण के चलते सुर्ख़ियों में है। ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के मकसद से सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है।

ध्वनि प्रदूषण करने वालों पर लगेगा जुर्माना :

दरअसल, पिछले कुछ समय से राजधानी दिल्ली से ध्वनि प्रदूषण की बहुत शिकायतें आरही हैं। इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने ध्वनि प्रदूषण के नियमों के उल्लंघन के लिए दंड में संशोधन किया है। यानी अब दिल्ली में रात के दौरान ध्वनि प्रदूषण करना लोगों की जेब ढीली कर सकता है। क्योंकि, अब यहां ध्वनि प्रदूषण करने वाले के लिए जुर्माना वसूलने का प्रवधान रखा है। जो कि, 10,00 से लेकर 1 लाख रुपये तक हो सकता है। यह जुर्माना डीजी (DJ) सेट के शोर के लिए भी उसके साइज के अनुसार तय किया जाएगा। हालांकि, इनमें पटाखों, डीजी सेट और सभी प्रकार का शोर शामिल हैं।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने जारी की लिस्ट :

बताते चलें, दिल्ली में लाउडस्पीकर/पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से ध्वनि प्रदूषण करने वालों के लिए 10,000 रुपये, 1000 केवीए से अधिक के डीजल जेनरेटर सेट के लिए 1 लाख रुपये जुर्माना लगाने का नियम बनाया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा जारी संशोधित किए गए जुर्माने की पूरी लिस्ट जारी कर इस मामले की जानकारी दी गई है। इन्हीं नियमों के तहत यह भी कहा गया है कि, 'यदि दिल्ली में लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम को बिना अनुमति के कोई बजता पाया गया तो उससे 1 लाख रुपये तक का जुर्माना वसूला जा सकता है। इतना ही नहीं कार्रवाई की कड़ी में उपकरणों को भी सीज करने का प्रवधान होगा।'

ध्वनि प्रदूषण का सामान्य स्तर :

बताते चलें, नियमों के तहत ध्वनि प्रदूषण का सामान्य स्तर 55 डेसिबल के आसपास माना जाता है। ऐप से प्रदूषण मापने वालों का कहना है कि शहर के किसी भी भीड़भाड़ वाले इलाके में ऐप से मापने पर स्तर 80 डेसिबल से कम नहीं मिलता है। इसलिए ध्वनि प्रदूषण की नई जुर्माना दरों के तहत कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट तय मानकों से अधिक शोर करते पाए गए लोगों पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही उपकरण को भी सीज कर लिया जाएगा।

पटाखे जलने पर जुर्माना :

अगर कोई रिहायशी या कॉमर्शल इलाकों में पटाखे जलाता पाया गया तो, उस पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और यदि साइलेंट जोन में पटाखे जलाए जा रहे होंगे तो 3000 रुपये का जुर्माना लगेगा। जबकि, सार्वजनिक रैली, शादी समारोह व अन्य धार्मिक आयोजनों में पटाखे का इस्तेमाल किया जा रहा है तो रिहायशी और व्यावसायिक जोन में 10 हजार और साइलेंट जोन में 30,000 रुपये तक का जुर्माना होगा।

ध्वनि प्रदूषण पर जुर्माने की लिस्ट :

  • कंस्ट्रक्शन मशीनरी से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर 50,000 रुपये का जुर्माना और उपकरण सील।

  • 1000 केवीए के डीजी सेट से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर 1 लाख रुपये का जुर्माना और उपकरण सील

  • 62.5 से 1000 केवीए के डीजी सेट से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर 25 हजार रुपये का जुर्माना और उपकरण सील

  • 62.5 केवीए तक के डीजी सेट से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर 10,000 रुपये का जुर्माना और उपकरण सील

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