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Arun Jaitley Passed Away
Arun Jaitley Passed Away|Syed Dabeer Hussain - RE
भारत

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का निधन, देशभर में शोक की लहर

लम्बे समय तक देश और बीजेपी सरकार के कार्यो में योगदान देने वाले वरिष्‍ठ नेता व पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली 24 अगस्‍त 2019 को इस दुनिया को कह चले अलविदा।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। राजनीति जगत में आज सुबह 24 अगस्‍त को एक बेहद बड़ी और दुखद खबर सामने आई हैं कि, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्‍ठ नेता व पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली अब नहीं रहे, उनका निधन हो गया हैं। अरुण जेटली की मृत्यु की खबर से भाजपा पार्टी व देश में शोक का माहौल हैं।

कैंसर से पीड़ित थें अरुण जेटली :

किडनी ट्रांसप्लांट कराने के कुछ समय बाद उन्‍हें कैंसर भी हो गया था। कैंसर से पीड़ित अरुण जेटली जी दिल्ली एम्स में अपना इलाज करा रहेे थे, हॉस्पिटल में एडमिट होने के बाद भी उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई, वह कुछ दिनों तक ICU में भी रहे और आज 24 अगस्‍त को 66 साल की आयु में दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर उन्‍होंने अंतिम सांस ली।

जीवन परिचय :

अरुण जेटली का का जन्म 28 दिसम्बर 1952 को दिल्ली में हुआ था, उनके पिता का नाम महाराज किशन जेटली, जो एक वकील थे और माता रतन प्रभा जेटली सामाजिक कार्यकर्ता थीं। उन्होंने अपनी विद्यालयी शिक्षा नई दिल्ली के सेंट जेवियर्स स्कूल से की। 1973 में श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, नई दिल्ली से कॉमर्स में स्नातक और 1977 में दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की। अरुण जेटली ने 24 मई 1982 को संगीता जेटली से विवाह किया, उनके दो बच्चे, पुत्र रोहन और पुत्री सोनाली हैं।

अमित शाह ने रद्द किया हैदराबाद दौरा :

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन की खबर सुनने के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह ने अपना हैदराबाद दौरा रद्द कर दिया है और वह हैदराबाद से दिल्ली के रवाना हो गए हैं।

PM मोदी ने किए 5 भावुक ट्वीट-

पहला ट्वीट-

"अरुण जेटली एक बड़े राजनेता थे, वह एक ऐसा नेता थे जिन्होंने आखिरी वक्त तक देश में अपना योगदान दिया, उनका जाना काफी दुखदायक है। उनकी पत्नी संगीता और उनके बेटे रोहन से बात कर संवेदना व्यक्त किया है।ओम शांति।"

दूसरा ट्वीट-

"अरुण जेटली की समाज के सभी वर्गों के लोग तारीफ करते थे, वह बहूमुखी व्यक्ति थेें, जिन्हें भारतीय संविधान, इतिहास, पब्लिक पॉलिसी, शासन और प्रशासन की त्रुटिहीन ज्ञान थी।"

तीसरा ट्वीट -

"अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान, अरुण जेटली जी ने कई मंत्री पद का दायित्व निभाया, जिसके जरिए उन्होंने भारत की आर्थिक वृद्धि, हमारी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने, लोगों के अनुकूल कानून बनाने और अन्य देशों के साथ व्यापार बढ़ाने में अपना योगदान दिया।"

चौथा ट्वीट-

''बीजेपी और अरुण जेटली का अटूट रिश्ता था। एक जोशीले छात्र नेता के तौर पर वे आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को बचाने के लिए सबसे आगे थे। वह हमारी पार्टी का एक ऐसा चेहरा बन गए जो पार्टी कार्यक्रमों और विचारधाराओं को समाज में फैलाया।''

पांचवा ट्वीट-

''अरुण जेटली के निधन के बाद मैंने एक महत्वपूर्ण दोस्त को खो दिया है, जिन्हें कई दशकों से जानता था। उनके जैसे मामलों पर अंतरदृष्टि और समझ कुछ लोगों में ही होती है। वे अनगिनत यादों के साथ छोड़कर हमें चले गए, हम उन्हें याद करते रहेंगे।''

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन पर देश के तमाम दलों के नेता ट्वीट पर उन्‍हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गहरा दुख किया व्यक्त :

सोनिया गांधी ने जताया दुख :

जेटली जी का राजनीतिक सफर :

  • 1977 में दिल्ली एबीवीपी के अध्यक्ष व एबीवीपी के अखिल भारतीय सचिव नियुक्त हुए।

  • 1980 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्‍य बने।

  • 1990 में भारत के अतिरिक्‍त सॉलिसिटर जनरल नियुक्‍त किए गए।

  • 1991 में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बने।

  • 1999 को अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सूचना- प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नियुक्त किए गए।

  • 2000 में देश के कानून, न्याय और कंपनी मामलों एवं जहाजरानी मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री बने।

  • 2002 में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव बने।

  • 2003 में कानून, न्याय मंत्री और उद्योग मंत्री के रूप में नियुक्त किए गए।

  • 2009 में राज्यसभा में विपक्ष के नेता चुने गए।

  • 2014 में वित्‍त मंत्री बने।

2014 में बने वित्‍त मंत्री :

अरुण जेटली ने छात्र राजनीति से राष्‍ट्रीय राजनीति तक अपनी छाप बनाई। वर्ष 2014 में मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री व कैबिनेट में रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त किए गए। अरुण जेटली को उनके अच्छे कामों के लिए हमेशा याद किया जाएगा, उन्होंने अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने में भी अपना अहम भूमिका निभाई और उनका दुनिया से चले जाना भारतीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति हैं।

लोकसभा चुनाव 2019 में नहीं लिया हिस्‍सा :

भाजपा के वरिष्‍ठ नेता होते हुए भी अरुण जेटली ने अपने खराब स्वास्थ्य के चलते वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में हिस्‍सा लेने से मना कर दिया। 2019 के चुनावों में भाग न लेने वाले भारत के पूर्व वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ही वह पहले व्यक्ति थें, जिन्‍होंने 2014 में भारत के प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी जी के नाम का सुझाव दिया था।

एक माह में खोए भाजपा ने अपने 3 नेता :

वर्ष 2019 का अगस्‍त माह भाजपा के कुछ सही नहीं रहा, क्‍योंकि, इसी माह में भाजपा ने अपनी पार्टी से चुनाव लड़ने वाले देश के 2 महान नेता सहित मध्‍यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को खो दिया हैं। बीते 6 अगस्त को सुषमा स्वराज इस दुनिया को अलविदा कह कर गई ही थीं कि, ठीक 14 दिन बाद 21 अगस्त को मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया और अब उनके जाने के 2 दिन बाद ही बीजेपी से हिस्‍सा रहे पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली भी दुनिया छोड़ कर चलेे गए। भले ही ये महान नेता आज इस दुनिया में जीवित न हो, लेकिन इनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी।