सरकार और जेल प्रशासन ने आरोपी राम रहीम को दिया एक दिन का पैरोल

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सरकार और जेल प्रशासन ने 24 अक्टूबर को चुपचाप जेल से बाहर निकाल कर उनकी बीमार मां से मिलवा कर वापस जेल भेज दिया है।
सरकार और जेल प्रशासन ने आरोपी राम रहीम को दिया एक दिन का पैरोल
Government and jail administration gave one day parole to Ram RahimSocial Media

राज एक्सप्रेस। साल 2017 में दुष्कर्म और हत्या के मामले में सजा पाने वाले डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर चर्चा में हैं। दसअसल, दुष्कर्म और हत्या के मामले में राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई गई थी। जो, अभी पूरी नहीं हुई है, लेकिन वह अपनी बीमार माँ से मिलने के लिए 24 अक्टूबर को दिन के लिए पैरोल पर जेल से बाहर आए थे, लेकिन सरकार और जेल प्रशासन ने इस बारे में किसी को भी जानकारी नहीं दी और न ही इसकी भनक किसी को लगने दी।

सरकार और जेल प्रशासन ने जेल से निकलने की अनुमति दी :

दरअसल, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सरकार और जेल प्रशासन ने 24 अक्टूबर को चुपचाप जेल से बाहर निकाल कर उनकी बीमार मां से मिलवा कर वापस जेल भेज दिया है। सरकार की अनुमति मिलने पर राम रहीम एक दिन के लिए पैरोल पर बाहर निकल कर गुड़गांव के एक अस्पताल में भर्ती अपनी मां से मिलने गया था। इस बारे में सरकार और जेल प्रशासन ने मीडिया तक को भनक नहीं लगने दी। राम रहीम को सुनारियां जेल से गुड़गांव के अस्पताल तक बख्तरबंद गाड़ी में ले जाया और फिर लाया गया।

जेल मंत्री का कहना :

पैरोल का मामला सामने आने पर उठ रहे सवालों पर जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने कहा है कि, 'बाबा राम रहीम को पैरोल नियमों के हिसाब से दी गई है। हालांकि, उसने पहले भी कई बार पैरोल के लिए अर्जी लगाई , लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली।' बता दें, बाबा राम रहीम 24 अक्टूबर की सुबह से लेकर शाम तक अपनी बीमार मां के साथ रहे। इस दौरान बाबा के आसपास हरियाणा पुलिस की तीन टुकड़ी तैनात रही और इस एक टुकड़ी में 80 से 100 जवान थे। यानी कि, बाबा राम रहीम के लिए 250 से 300 जवान तैनात किए गए थे। पुलिस ने गुड़गांव के अस्पताल के बेसमेंट में गाड़ी पार्क की। साथ ही पहले ही जिस फ्लोर में बाब की मां थी, उसे पूरा खाली करा दिया गया था।

रोहतक एसपी का कहना :

रोहतक एसपी राहुल शर्मा ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि, 'उन्हें जेल सुपरिंटेंडेंट से राम रहीम के गुड़गांव दौरे के लिए सुरक्षा व्यवस्था का निवेदन मिला था। 24 अक्टूबर को सुबह से लेकर शाम ढलने तक सुरक्षा उपलब्ध कराई थी। सब कुछ शांति से हुआ। दूसरी ओर शनिवार दोपहर इस मामले पर प्रदेश के जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने भी अपनी सफाई दी। राम रहीम को सारे नियम को ध्यान में रखते हुए पैरोल दी गई थी।'

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